आयुर्वेद की बढ़ती ग्लोबल डिमांड पर यूपी ट्रेड शो में मंथन! पारंपरिक ज्ञान से आधुनिक रिसर्च तक, दुनिया के बाजार में विस्तार की संभावनाओं पर हुई चर्चा
ग्रेटर नोएडा: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से “भारत की प्राचीन स्वास्थ्य परंपरा—पारंपरिक ज्ञान, आधुनिक अनुसंधान एवं वैश्विक वेलनेस की संभावनाएं” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में हुए कार्यक्रम में आयुर्वेद की बढ़ती लोकप्रियता, वैश्विक स्वीकार्यता और उत्तर प्रदेश में आयुष चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई।
आयुर्वेद को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाने पर जोर
आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दया शंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा होने के साथ अब दुनिया में स्वास्थ्य और वेलनेस के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने आयुर्वेद को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप अधिक वैज्ञानिक, प्रमाण-आधारित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
यूपी में बढ़ाया जा रहा आयुष का बुनियादी ढांचा
आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने उत्तर प्रदेश में आयुष क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने नए आयुर्वेदिक चिकित्सालयों और आयुर्वेदिक महाविद्यालयों की स्थापना, आयुष इंटीग्रेटेड वेलनेस सेंटर तथा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित आयुष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ आयुष क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
रिसर्च, निर्यात और प्रमाण-आधारित चिकित्सा पर चर्चा
विशेष सत्र में आयुर्वेद की वैश्विक स्थिति, अनुसंधान, आयुष उत्पादों के निर्यात और प्रमाणिक एवं सुरक्षित आयुर्वेदिक औषधियों के विकास पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। औषधियों के मानकीकरण और एविडेंस-बेस्ड आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली को लेकर भी चर्चा हुई।
वक्ताओं ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक अनुसंधान और वैज्ञानिक प्रमाणों से जोड़कर वैश्विक समुदाय तक पहुंचाने की जरूरत है।
आयुष कंपनियों ने भी रखे उत्पाद और बाजार से जुड़े पहलू
कार्यक्रम में कई चिकित्सकों और विषय-विशेषज्ञों ने सहभागिता की। आयुष क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न दवा निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अतिथियों का स्वागत किया और आयुर्वेदिक एवं अन्य आयुष उत्पादों के विकास, अनुसंधान तथा वैश्विक बाजार में उनकी संभावनाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा में भाग लिया।
आयुष विभाग के अधिकारी और विशेषज्ञ रहे मौजूद
कार्यक्रम में निदेशक आयुर्वेद डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथी डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, उपनिदेशक डॉ. राम कृपाल, प्रोफेसर डॉ. बृजेश गुप्ता, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. बंदना रानी और जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. प्रीति सिंघल समेत विभिन्न जनपदों के चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे। जनपद गौतमबुद्धनगर के आयुष विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।