उन्नाव में रिटायर्ड दारोगा की गोली लगने से मौत, कमरे से लाइसेंसी बंदूक बरामद; हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) से सेवानिवृत्त 65 वर्षीय दारोगा की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। परिजन उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए कानपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से लाइसेंसी एकनाली बंदूक बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या की ओर इशारा कर रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
रात में कमरे से आई गोली चलने की आवाज
मृतक की पहचान 65 वर्षीय रामजीत के रूप में हुई है। वह मूल रूप से कन्नौज जिले के गुरुसहायगंज थाना क्षेत्र के रउतामई गांव के निवासी थे। वर्ष 2021 में एलआईयू से सेवानिवृत्त होने के बाद वह उन्नाव के पीडी नगर मोहल्ले में अपने बेटे अभिषेक के साथ रह रहे थे।
पुलिस के अनुसार, रविवार रात उन्होंने परिवार के साथ भोजन किया और इसके बाद अपने कमरे में चले गए। रात करीब साढ़े 11 बजे कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। परिजन जब कमरे में पहुंचे तो वह गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
परिजनों ने तत्काल उन्हें इलाज के लिए कानपुर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
घटनास्थल से लाइसेंसी बंदूक बरामद
पुलिस ने कमरे की तलाशी के दौरान एक लाइसेंसी एकनाली बंदूक बरामद की, जिसे कब्जे में ले लिया गया है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गोली किन परिस्थितियों में चली और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या है।
मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी दावों की भी जांच
परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया है कि रामजीत पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। पुलिस इन दावों की भी गंभीरता से जांच कर रही है और सभी तथ्यों का मिलान किया जा रहा है।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
सदर क्षेत्राधिकारी विनी सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं, सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। सभी रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।