स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन पहुंचे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, टर्मिनल से लेकर एटीसी तक का लिया जायजा

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नोएडा: स्विस कॉन्फेडरेशन के राष्ट्रपति महामहिम गाइ पार्मेलिन ने 6 अक्टूबर 2026 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दौरा किया। उनके साथ भारत में स्विट्जरलैंड की राजदूत महामहिम माया तिसाफी, उत्तर प्रदेश सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के मंत्री सुनील शर्मा समेत सरकारी अधिकारियों और कारोबारी नेताओं का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा।

दौरे के दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की नेतृत्व टीम ने राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल को एयरपोर्ट के विकास की अब तक की यात्रा, स्थिरता से जुड़ी पहलों, यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की सोच और भविष्य के विकास की योजनाओं की जानकारी दी गई।

पैसेंजर टर्मिनल, एटीसी और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर देखा

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एयरपोर्ट की प्रमुख सुविधाओं का जायजा लिया। इसमें पैसेंजर टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरसाइड के मुख्य बुनियादी ढांचे को शामिल किया गया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल को एयरपोर्ट के डिजाइन, तकनीक और परिचालन क्षमताओं की प्रत्यक्ष जानकारी मिली।

यह दौरा उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश आकर्षित करने की निरंतर कोशिश और क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के जरिए विकास को दिए जा रहे समर्थन को भी दर्शाता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर से बताया गया कि एयरपोर्ट का उद्देश्य यात्रियों को सुगम, आधुनिक और कुशल यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्रीय आर्थिक विकास और संपर्क व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

ज्यूरिख एयरपोर्ट के अनुभव से सुरक्षित और यात्री-केंद्रित एयरपोर्ट बनाने पर जोर

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस चेयरमैन क्रिस्टोफ श्नेलमन ने कहा कि एयरपोर्ट पर स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करना सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि इस दौरे से एयरपोर्ट की प्रगति और इसके विकास तथा भविष्य के संचालन को दिशा देने वाली सोच को सामने रखने का अवसर मिला।

क्रिस्टोफ श्नेलमन के मुताबिक, ज्यूरिख एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय अनुभव का लाभ लेते हुए एक सुरक्षित, कुशल और यात्री-केंद्रित एयरपोर्ट उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है, जो लंबे समय तक दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश की सेवा करेगा।

70 मिलियन से ज्यादा यात्रियों की क्षमता का लक्ष्य

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आईएटीए कोड डीएक्सएन है। यह ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत तथा दुनिया के अन्य शहरों से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां यात्रियों के लिए विभिन्न वाणिज्यिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुद्ध शून्य उत्सर्जन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए टिकाऊ डिजाइन और संचालन के सिद्धांतों को आधार बनाया गया है।

यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना ग्रीनफील्ड परियोजना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास, निर्माण और संचालन के लिए की गई है। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की 100 प्रतिशत सहायक कंपनी के रूप में यह उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के साथ मिलकर सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजना को लागू करने की जिम्मेदारी संभाल रही है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रियायत अवधि 1 अक्टूबर 2021 से शुरू हुई है, जो 40 वर्षों तक चलेगी। एयरपोर्ट के मास्टरप्लान में रियायत अवधि के दौरान आगे के विकास की भी योजना है, जिसके तहत सालाना 70 मिलियन से अधिक यात्रियों को सेवा देने का लक्ष्य रखा गया है।

 

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