LPG संकट की आहट: 14.2 किलो सिलेंडर में मिल सकती है सिर्फ 10 किलो गैस, ईरान युद्ध से सप्लाई पर असर

0 27

ईरान में जारी युद्ध के असर अब भारत की रसोई तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। देश में एलपीजी सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियां बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर में केवल 10 किलोग्राम गैस भरकर सप्लाई की जा सकती है, ताकि सीमित स्टॉक को ज्यादा उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सके।

कम गैस, ज्यादा उपभोक्ता—कंपनियों की नई रणनीति
इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा हालात में यह कदम जरूरी हो सकता है। योजना के तहत कम मात्रा में गैस भरकर अधिक घरों तक एलपीजी पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। कंपनियों का आकलन है कि जहां 14.2 किलो का सिलेंडर 35-40 दिन चलता है, वहीं 10 किलो गैस भी एक औसत परिवार की करीब एक महीने की जरूरत पूरी कर सकती है।

सिलेंडर पर बदलेगा लेबल, कीमत में मिल सकती है राहत
अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो सिलेंडरों पर नए स्टिकर लगाए जाएंगे, जिनमें गैस की कम मात्रा की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं को कीमत में भी अनुपातिक राहत देने की योजना है। हालांकि, इसे लागू करने के लिए बॉटलिंग प्लांट्स में तकनीकी बदलाव और नियामकीय मंजूरी जरूरी होगी।

सप्लाई पर बढ़ा दबाव, खाड़ी से नहीं पहुंच रहीं खेप
एलपीजी की उपलब्धता पहले से ही दबाव में है। खाड़ी देशों से नई खेप नहीं पहुंच पा रही है। हाल ही में केवल दो जहाज करीब 92,700 टन एलपीजी लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सके, जो देश की सिर्फ एक दिन की खपत के बराबर है। वहीं, कमर्शियल सेक्टर में आंशिक सप्लाई बहाल होने से मांग और बढ़ गई है।

सरकार का दावा—फिलहाल सप्लाई सामान्य
पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मौजूदा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित सप्लाई दी जा रही है। हालांकि गैस के संरक्षण पर जोर दिया गया है। देश में कुल एलपीजी खपत करीब 93,500 टन प्रतिदिन है, जिसमें से 86% हिस्सा घरेलू उपयोग का है। मार्च के पहले पखवाड़े में खपत में 17% की गिरावट भी दर्ज की गई है।

खाड़ी देशों पर निर्भरता बनी बड़ी चुनौती
भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60% आयात करता है, जिसमें से करीब 90% सप्लाई खाड़ी देशों से होती है। मौजूदा हालात में यह निर्भरता बड़ी चुनौती बन गई है। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल भारत के छह एलपीजी टैंकर पर्शियन गल्फ में फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे सप्लाई को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.