रक्षा ताकत बढ़ाने की बड़ी तैयारी: आज अहम बैठक में S-400, ब्रह्मोस और ड्रोन फाइटर जेट्स पर हो सकता है फैसला

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नई दिल्ली में देश की सुरक्षा क्षमता को नई मजबूती देने के लिए आज एक अहम बैठक होने जा रही है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की इस बैठक में कई बड़े रक्षा सौदों को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इनमें S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स और मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट जैसी रणनीतिक परियोजनाएं शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना के लिए 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने का प्रस्ताव भी इस बैठक में पास हो सकता है। साथ ही S-400 सिस्टम की 5 अतिरिक्त यूनिट्स खरीदने की योजना पर भी मुहर लगने के संकेत हैं।

अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स और ब्रह्मोस मिसाइल पर फोकस
बैठक में वायुसेना के लिए स्वदेशी रिमोटली पाइलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट, यानी अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स की लगभग 4 स्क्वाड्रन्स खरीदने का प्रस्ताव रखा जाएगा। ये अत्याधुनिक ड्रोन आधारित लड़ाकू विमान भविष्य की युद्ध रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं, थलसेना की ओर से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की बड़ी संख्या में खरीद का प्रस्ताव भी पेश किया गया है। यह मिसाइल करीब 800 किलोमीटर तक सटीक मार करने में सक्षम है। इन प्रस्तावों को भी आज मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। DAC रक्षा मंत्रालय की शीर्ष संस्था है, जो सशस्त्र बलों के लिए हथियारों और सैन्य उपकरणों की खरीद पर अंतिम निर्णय लेती है।

S-400 सिस्टम की डिलीवरी का इंतजार जारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख और रक्षा सचिव भी शामिल होंगे। S-400 सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर भारत पहले से ही 5 यूनिट्स की डिलीवरी का इंतजार कर रहा है। फिलहाल भारतीय वायुसेना की टीम रूस में चौथी स्क्वाड्रन लेने पहुंची हुई है। चौथा सिस्टम अप्रैल-मई के बीच भारत आने की उम्मीद है, जबकि पांचवां सिस्टम नवंबर-दिसंबर तक मिलने की संभावना है। इसी बीच 5 और अतिरिक्त यूनिट्स खरीदने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।

प्रोजेक्ट कुशा और धनुष तोपखाने को भी बढ़ावा
इसके अलावा, वायुसेना को स्वदेशी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली ‘प्रोजेक्ट कुशा’ की 5 स्क्वाड्रन्स खरीदने की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। यह परियोजना डीआरडीओ के नेतृत्व में विकसित की जा रही है। वहीं, मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम के तहत 60 विमानों की खरीद की योजना है, जिसमें ब्राजील की एम्ब्रेयर, अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन और रूस की इल्यूशिन प्रमुख दावेदार मानी जा रही हैं। इसके साथ ही थलसेना के लिए 300 स्वदेशी धनुष होवित्जर तोपखाने खरीदने के प्रस्ताव पर भी बैठक में चर्चा और संभावित मंजूरी की उम्मीद है।

 

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