नई दिल्ली: क्रिकेट इतिहास के पन्नों में 29 मई की तारीख आज भी एक खास जगह रखती है, जब इंडियन प्रीमियर लीग का सबसे अनोखा और रोमांचक फाइनल खेला गया था। चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि बारिश, इंतजार और रोमांच से भरी एक पूरी कहानी बन गया, जिसका नतीजा फैंस को दो दिन बाद जाकर मिला।
बारिश ने बदला मुकाबले का पूरा रोमांच
आईपीएल 2023 के फाइनल की शुरुआत 28 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुई थी, लेकिन बारिश ने मैच की गति पूरी तरह रोक दी। टॉस तक नहीं हो सका और दर्शकों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बने कि मुकाबला रिजर्व डे यानी 29 मई तक खिंच गया, जिससे यह फाइनल इतिहास में दो दिन तक चलने वाला पहला खिताबी मुकाबला बन गया।
गुजरात का बड़ा स्कोर, चेन्नई की चुनौती
रिजर्व डे पर गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 214 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की पारी शुरू ही हुई थी कि बारिश ने एक बार फिर खेल रोक दिया। इसके बाद ओवर्स घटाकर मुकाबला 15 ओवर का कर दिया गया और चेन्नई को 171 रन का संशोधित लक्ष्य मिला।
आखिरी ओवर में टूटा गुजरात का सपना
मैच का आखिरी ओवर किसी फिल्मी क्लाइमैक्स से कम नहीं था। चेन्नई को जीत के लिए 13 रन चाहिए थे। मोहित शर्मा ने शुरुआती गेंदों में शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया। लेकिन अंतिम दो गेंदों पर जब 10 रन की जरूरत थी, तब रवींद्र जडेजा ने छक्का और फिर चौका लगाकर चेन्नई सुपर किंग्स को पांचवीं बार आईपीएल चैंपियन बना दिया।
धोनी की भावुकता ने जीता फैंस का दिल
जैसे ही जडेजा ने विजयी चौका लगाया, चेन्नई का डगआउट जश्न में डूब गया। एमएस धोनी की आंखें नम हो गईं और उन्होंने जडेजा को गले लगाकर गोद में उठा लिया। यह दृश्य आज भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे भावुक पलों में से एक माना जाता है।
स्टेडियम से लेकर रेलवे स्टेशन तक उमड़ी भीड़
इस ऐतिहासिक मुकाबले को देखने के लिए फैंस का जुनून चरम पर था। अहमदाबाद की सड़कों पर भारी जाम लग गया और कई दर्शक रेलवे स्टेशनों पर रात बिताने को मजबूर हुए। स्टेडियम दो दिन तक लगातार खचाखच भरा रहा, जिसने इस फाइनल को और भी यादगार बना दिया।