नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को बड़ा झटका दिया है। एयरलाइन ने घोषणा की है कि वह 31 अगस्त 2026 से भारत और ब्रिटेन के मैनचेस्टर के बीच संचालित अपनी सीधी उड़ान सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर देगी। कंपनी के इस फैसले से उन यात्रियों की चिंता बढ़ गई है जो इस रूट पर नियमित यात्रा करते हैं।
एक साल पूरा होने से पहले बंद होगी सेवा
इंडिगो ने भारत से मैनचेस्टर के लिए सीधी उड़ान सेवा जुलाई 2025 में शुरू की थी। वर्तमान में एयरलाइन दिल्ली से सप्ताह में तीन और मुंबई से सप्ताह में चार सीधी उड़ानें संचालित कर रही है। हालांकि सेवा शुरू होने के करीब एक वर्ष के भीतर ही कंपनी ने इस रूट को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है।
भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती लागत बनी वजह
एयरलाइन के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कई देशों के एयरस्पेस पर प्रतिबंध लागू हैं। इसके चलते विमानों को लंबा मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे उड़ानों की अवधि और परिचालन लागत दोनों में बढ़ोतरी हुई है।
इसके अलावा एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की बढ़ती कीमतें और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव भी एयरलाइन की लागत पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे हैं। कंपनी का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इस रूट का संचालन आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो गया है।
यात्रियों को अब लेना पड़ सकता है कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा
मैनचेस्टर के लिए सीधी उड़ानें बंद होने के बाद भारत और इस ब्रिटिश शहर के बीच कोई नॉन-स्टॉप सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी। ऐसे में यात्रियों को अन्य शहरों के जरिए कनेक्टिंग उड़ानों का विकल्प चुनना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे यात्रा का समय बढ़ सकता है और टिकटों का खर्च भी अधिक हो सकता है। खासकर छात्रों, व्यवसायिक यात्रियों और ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय समुदाय पर इसका असर पड़ सकता है।
भविष्य में दोबारा शुरू हो सकती हैं उड़ानें
इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला स्थायी नहीं है। एयरलाइन ने संकेत दिया है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां सामान्य होती हैं और परिचालन लागत में कमी आती है तो भविष्य में मैनचेस्टर रूट पर उड़ान सेवाएं फिर से शुरू की जा सकती हैं।
घरेलू नेटवर्क में भी कटौती की तैयारी
अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के साथ-साथ इंडिगो अपने घरेलू नेटवर्क में भी बदलाव की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी सितंबर तिमाही के दौरान घरेलू उड़ानों में 12 से 15 प्रतिशत तक कटौती कर सकती है। इसके पीछे बढ़ती ईंधन लागत और यात्रा मांग में नरमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है।