मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल तय? राघव चड्ढा की एंट्री की चर्चा तेज, कई मंत्रियों की कुर्सी पर मंडराया खतरा
नई दिल्ली: राज्यसभा चुनाव के बीच केंद्र की राजनीति में एक बड़े कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द अपनी मंत्रिपरिषद में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) या भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकता है, जबकि कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
राघव चड्ढा के नाम को लेकर बढ़ी चर्चा
कैबिनेट विस्तार की अटकलों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा राघव चड्ढा के नाम को लेकर हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा को केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
हालांकि इस संबंध में न तो राघव चड्ढा की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है और न ही भाजपा ने किसी तरह की पुष्टि की है। फिलहाल इसे राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
पंजाब पर खास फोकस की तैयारी
भाजपा आगामी चुनावों को देखते हुए पंजाब में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि राज्य से जुड़े नेताओं को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।
राजनीतिक हलकों में पूर्व कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ और अन्य पंजाबी चेहरों को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। वहीं रवनीत सिंह बिट्टू को इस बार राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद नए समीकरणों की चर्चा और तेज हो गई है।
दो मंत्रियों के बाहर होने की अटकलें
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित फेरबदल में दो केंद्रीय मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है। हालांकि किन नेताओं के नाम इस सूची में शामिल हैं, इसे लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
दिलचस्प बात यह है कि राज्यसभा चुनाव के लिए कुछ केंद्रीय मंत्रियों को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद इन अटकलों को और बल मिला है।
10 से 12 चेहरों पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित फेरबदल केवल नए चेहरों की एंट्री तक सीमित नहीं रह सकता। चर्चा है कि 10 से 12 मंत्रियों के विभागों में बदलाव या नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
इसके अलावा संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने की रणनीति के तहत कुछ नेताओं को संगठन में भी भेजा जा सकता है।
दक्षिण भारत पर भी भाजपा की नजर
रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा दक्षिण भारत में संगठन को और मजबूत करने के लिए कुछ बड़े फैसले ले सकती है। कर्नाटक समेत दक्षिणी राज्यों में संगठनात्मक बदलावों की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।
हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक किसी भी संभावित बदलाव को लेकर आधिकारिक संकेत नहीं दिए गए हैं।
राज्यसभा की अहम समिति के अध्यक्ष हैं राघव चड्ढा
मई महीने में राघव चड्ढा को राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन की ओर से समिति का पुनर्गठन किए जाने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाक्रमों के बीच राघव चड्ढा का नाम राष्ट्रीय राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल सभी निगाहें राज्यसभा चुनाव के नतीजों और उसके बाद केंद्र सरकार के संभावित फैसलों पर टिकी हुई हैं। यदि कैबिनेट विस्तार या फेरबदल होता है, तो यह आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।