फ्रांस पहुंचते ही कूटनीतिक हलचल तेज! मोदी की मैक्रों और ट्रंप से होगी मुलाकात, जी7 समेत कई अहम बैठकों पर दुनिया की नजर
पेरिस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने महत्वपूर्ण फ्रांस दौरे पर शनिवार को नीस पहुंच गए। उनके आगमन के साथ ही बहुप्रतीक्षित यात्रा की औपचारिक शुरुआत हो गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नीस, एवियन और पेरिस में आयोजित कई उच्चस्तरीय बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि यह दौरा भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा।
फ्रांस पहुंचकर साझा की यात्रा की जानकारी
फ्रांस पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया जाएगा, जो भारत और उसके प्रमुख विकास साझेदार देशों के बीच सहयोग और मित्रता को और मजबूत करेंगे।
मैक्रों और ट्रंप से होगी महत्वपूर्ण मुलाकात
दौरे के सबसे अहम कार्यक्रमों में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक शामिल है। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच भी मुलाकात प्रस्तावित है। दोनों नेताओं की यह करीब डेढ़ वर्ष बाद होने वाली बैठक मानी जा रही है। इस मुलाकात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजरें टिकी हुई हैं।
‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम बनेगा आकर्षण का केंद्र
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप, नवाचार विशेषज्ञ और निवेशक भाग लेंगे। इसका उद्देश्य नई तकनीकों, नवाचारों और उद्यमशीलता को वैश्विक मंच प्रदान करना है।
2026 को मनाया जाएगा नवाचार वर्ष
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत और फ्रांस ने वर्ष 2026 को संयुक्त रूप से ‘नवाचार वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत दोनों देशों के बीच स्टार्टअप, अनुसंधान, तकनीकी विकास और नवाचार आधारित साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। माना जा रहा है कि यह पहल दोनों देशों के आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नई दिशा दे सकती है।
नीस से पेरिस तक कई अहम कार्यक्रमों में रहेंगे शामिल
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम नीस से शुरू होकर एवियन और पेरिस तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न उच्चस्तरीय बैठकों, संवाद कार्यक्रमों और सहयोग संबंधी चर्चाओं का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापक बनाने के साथ-साथ वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
जी7 में लगातार आठवीं बार भारत की मौजूदगी
फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जी7 शिखर सम्मेलन में लगातार आठवीं बार भारत को आमंत्रित किया जाना देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक मंच पर पहले से अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है।
भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाई देने पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रांस भारत की रणनीतिक सोच में विशेष स्थान रखता है। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति मैक्रों के साथ होने वाली बैठक में दोनों देश फरवरी के बाद हुए सहयोग की समीक्षा करेंगे और भविष्य के लिए नए क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।