107 दिन बाद थमा युद्ध! ईरान से डील के बाद ट्रंप का बड़ा ऐलान, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से फिर शुरू हुई तेल टैंकरों की आवाजाही
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष के बाद हालात में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल लेकर जाने वाले जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य होने लगी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि तेल से लदे कई जहाज अब सुरक्षित रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं। उनके मुताबिक, समुद्री मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है और जहाज बिना किसी बाधा के अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं।
युद्धविराम के बाद आया बड़ा घटनाक्रम
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 107 दिनों से जारी संघर्ष के बाद दोनों पक्षों ने सैन्य गतिविधियां रोकने और क्षेत्र में तनाव कम करने पर सहमति जताई है। इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना माना जा रहा है, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच हुए प्रारंभिक समझौते पर आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। हालांकि समझौते के सभी बिंदुओं का खुलासा अभी नहीं किया गया है।
ट्रंप ने नाकेबंदी हटाने की घोषणा की
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है और इसके तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य को तत्काल प्रभाव से मुक्त आवाजाही के लिए खोलने की मंजूरी दी गई है। साथ ही अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का भी फैसला किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लौट सकती है और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं में कमी आ सकती है।
ईरान ने भी समझौते की पुष्टि की
ईरान की ओर से भी इस समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि मध्यस्थ देश कतर की मौजूदगी में लंबी वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है।
हालांकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि समझौते को औपचारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया हस्ताक्षर होने के बाद ही शुरू होगी। यानी शुक्रवार से पहले किसी भी प्रावधान को लागू नहीं किया जाएगा।
प्रतिबंधों में ढील के संकेत
समझौते के बाद अमेरिका की ओर से यह संकेत भी मिला है कि ईरान पर लगाए गए कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत दी जा सकती है। माना जा रहा है कि इससे युद्ध और प्रतिबंधों से प्रभावित ईरानी अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी और तेल निर्यात में बढ़ोतरी का रास्ता खुलेगा।
दुनिया की नजर अब शुक्रवार पर
अमेरिका और ईरान के बीच बनी इस सहमति को हाल के वर्षों के सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में से एक माना जा रहा है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर स्विट्जरलैंड में होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर कार्यक्रम पर टिकी है, जहां इस समझौते की शर्तें और आगे की रणनीति स्पष्ट हो सकती है।