US-Iran Deal पर इजरायल में बगावत के सुर! नेतन्याहू के मंत्री बोले- ट्रंप का समझौता हम पर लागू नहीं, हम किसी के गुलाम नहीं

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यरुशलम: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद मध्य पूर्व की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जहां एक ओर दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम और समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, वहीं इजरायल की सरकार के वरिष्ठ मंत्री बेन ग्वेर ने ऐसा बयान दिया है जिसने क्षेत्रीय तनाव को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

इजरायल के दक्षिणपंथी नेता और नेतन्याहू सरकार में मंत्री बेन ग्वेर ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता इजरायल पर लागू नहीं होता। उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है और उसकी सुरक्षा नीतियां किसी दूसरे देश के फैसलों से तय नहीं होंगी।

‘इजरायल किसी के अधीन नहीं है’

बेन ग्वेर ने कहा कि इजरायल का पहला दायित्व अपने नागरिकों, सैनिकों और देश की सुरक्षा के प्रति है। उन्होंने कहा कि उनका देश किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुककर अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में जब-जब इजरायल ने बाहरी दबाव में फैसले लिए, तब उसे भारी कीमत चुकानी पड़ी। इसी वजह से वर्तमान हालात में भी राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

समझौते से दूरी बनाने के संकेत

इजरायली मंत्री ने कहा कि उनकी नजर में यह समझौता इजरायल की सुरक्षा की पर्याप्त गारंटी नहीं देता। इसलिए उनका देश इस समझौते का हिस्सा नहीं है और न ही इसे अपने ऊपर बाध्यकारी मानता है।

उन्होंने संकेत दिया कि क्षेत्र में सक्रिय सशस्त्र संगठनों और सुरक्षा खतरों के खिलाफ इजरायल अपनी रणनीति जारी रखेगा। उनके अनुसार, सुरक्षा संबंधी फैसले केवल इजरायल के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे।

ट्रंप की तारीफ भी, असहमति भी

बेन ग्वेर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सराहना करते हुए कहा कि इजरायल अमेरिका का मित्र है और ट्रंप के प्रति सम्मान रखता है। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि मित्रता का मतलब यह नहीं है कि इजरायल अपनी सुरक्षा से जुड़े मामलों में स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार छोड़ दे।

उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक परिस्थितियों में ऐतिहासिक फैसले लेने पड़ते हैं और इजरायल अपने हितों की रक्षा के लिए वही करेगा जो उसे उचित लगेगा।

बयान से बढ़ी नई राजनीतिक हलचल

बेन ग्वेर का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को प्रस्तावित समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल के भीतर से उठ रही ऐसी आवाजें भविष्य में क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं।

हालांकि, इजरायल सरकार की आधिकारिक नीति को लेकर अभी कोई अलग घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मंत्री के बयान ने यह संकेत जरूर दिया है कि अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर इजरायली सत्ता प्रतिष्ठान के भीतर गंभीर चिंताएं मौजूद हैं।

‘हम लंबे संघर्ष से नहीं डरते’

अपने बयान में बेन ग्वेर ने कहा कि इजरायल एक मजबूत राष्ट्र है और वह अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि देश किसी भी खतरे के सामने झुकने वाला नहीं है और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उसका रुख पहले की तरह सख्त रहेगा।

 

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