11 साल का रिश्ता, शादी, फिर बेवफाई का आरोप… प्रेग्नेंसी में टूटा घर, कोख में ही खो दिया बच्चा; पहली पत्नी ने बयां किया दर्द
मुंबई: दिवंगत अभिनेता ओम पुरी अपनी शानदार अदाकारी के लिए आज भी याद किए जाते हैं, लेकिन उनकी निजी जिंदगी भी अक्सर चर्चा का विषय रही है। अब उनकी पहली पत्नी सीमा कपूर ने शादीशुदा जीवन से जुड़े दर्दनाक दौर को याद करते हुए कई भावुक खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि जब उनका वैवाहिक रिश्ता टूट रहा था, तब वह गर्भवती थीं और उसी कठिन समय में उन्होंने अपने अजन्मे बच्चे को भी खो दिया।
ओम पुरी ने अपने करियर में हिंदी सिनेमा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी पहचान बनाई थी। हालांकि निजी जीवन में उन्हें कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। उनकी पहली शादी सीमा कपूर से हुई थी, जबकि बाद में उन्होंने नंदिता पुरी से विवाह किया। दोनों शादियां अंततः टूट गईं।
11 साल की मोहब्बत के बाद हुई थी शादी
सीमा कपूर ने एक बातचीत में बताया कि वह और ओम पुरी करीब 11 वर्षों तक एक-दूसरे के साथ रिश्ते में रहे, जिसके बाद दोनों ने शादी की थी। लेकिन विवाह के कुछ वर्षों बाद रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगीं। इसी दौरान ओम पुरी और नंदिता के बीच बढ़ती नजदीकियों ने उनके वैवाहिक जीवन को प्रभावित किया और अंततः दोनों का रिश्ता टूट गया।
तलाक के दौर में थीं गर्भवती
सीमा कपूर के अनुसार, जब उनका और ओम पुरी का अलगाव हुआ, उस समय वह गर्भवती थीं। रिश्ते के टूटने के बाद वह अपने माता-पिता के पास राजस्थान चली गईं। उन्होंने बताया कि यह उनके जीवन का बेहद मुश्किल दौर था, क्योंकि एक तरफ उनका वैवाहिक संबंध खत्म हो रहा था और दूसरी तरफ वह अपने आने वाले बच्चे के भविष्य को लेकर भावनात्मक संघर्ष से गुजर रही थीं।
परिवार चाहता था कानूनी लड़ाई लड़ी जाए
सीमा ने बताया कि उनके परिवार, विशेष रूप से उनके भाई अन्नू कपूर, चाहते थे कि वह कानूनी कार्रवाई करें। परिवार का मानना था कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। लेकिन उन्होंने किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद से दूरी बनाए रखने का फैसला किया।
उनका कहना था कि उन्हें लंबे समय तक विश्वास था कि शायद परिस्थितियां बदल जाएं और उनका रिश्ता फिर से संभल सके। इसी उम्मीद के चलते उन्होंने अदालत का रास्ता नहीं चुना।
‘मेरे लिए वह बच्चा ही आखिरी सहारा था’
सीमा कपूर ने भावुक होते हुए कहा कि उस समय उन्हें एहसास हो चुका था कि ओम पुरी वापस नहीं लौटेंगे। ऐसे में उनके गर्भ में पल रहा बच्चा ही उनके लिए सबसे बड़ा सहारा था। लेकिन दुर्भाग्यवश वह बच्चा भी इस दुनिया में नहीं आ सका। उन्होंने बताया कि बच्चे को खोना उनके जीवन के सबसे बड़े आघातों में से एक था।
लगातार मिले दो बड़े झटके
सीमा कपूर ने कहा कि पति से अलगाव और अजन्मे बच्चे को खोने का दर्द उन्होंने लगभग एक साथ झेला। उन्होंने बताया कि वह अपने होने वाले बच्चे को पत्र लिखती थीं और उससे सवाल करती थीं कि वह इस दुनिया में क्यों नहीं आया। बाद में खुद ही उन सवालों के जवाब भी लिखती थीं।
उन्होंने कहा कि बच्चे को खोने के बाद तलाक से जुड़े दस्तावेज भी उनके पास पहुंच गए। एक के बाद एक मिले इन झटकों ने उन्हें गहरे भावनात्मक संकट में डाल दिया था और उस दौर से बाहर निकलना उनके लिए बेहद कठिन साबित हुआ।