IIM छोड़कर बने थे स्टार, शाहरुख-अजय से आगे था करियर! एक फैसले ने बदल दी किस्मत, गुमनामी में खो गए अविनाश वाधवन

0 21

मुंबई: बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे रहे हैं जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की, लेकिन समय के साथ वे फिल्मी दुनिया की चमक से दूर होते चले गए। 90 के दशक के अभिनेता अविनाश वाधवन भी उन्हीं नामों में शामिल हैं, जिन्हें कभी इंडस्ट्री का अगला बड़ा स्टार माना जाता था। एक समय ऐसा था जब उनके पास उन फिल्मों के प्रस्ताव थे, जिन्होंने बाद में कई बड़े सितारों को सुपरस्टार बना दिया। हालांकि कुछ फैसलों और निजी परिस्थितियों ने उनके करियर की दिशा ही बदल दी।

पढ़ाई में अव्वल, IIM का मौका भी छोड़ा

फिल्मी दुनिया में आने से पहले अविनाश वाधवन पढ़ाई में बेहद तेज माने जाते थे। उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग से शिक्षा हासिल की और आगे प्रबंधन की पढ़ाई करने की तैयारी की। उन्हें IIM लखनऊ में प्रवेश का अवसर भी मिला था, लेकिन उन्होंने दूसरे संस्थान को चुना।

इसी दौरान मॉडलिंग की दुनिया से उन्हें प्रस्ताव मिला और यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया। कुछ ही समय में उन्होंने विज्ञापनों और फैशन शो के जरिए पहचान बना ली। मॉडलिंग में बढ़ती व्यस्तता के चलते उनकी पढ़ाई छूट गई और उन्होंने पूरी तरह मनोरंजन जगत का रुख कर लिया।

एक फिल्म ने रातों-रात बना दिया स्टार

फिल्मों में शुरुआती प्रयासों के बाद उन्हें असली पहचान 1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘आई मिलन की रात’ से मिली। फिल्म की सफलता ने उन्हें युवा सितारों की कतार में ला खड़ा किया।

इसके बाद उन्होंने लगातार कई फिल्मों में काम किया और उस दौर की चर्चित अभिनेत्रियों के साथ स्क्रीन साझा की। उनकी लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ी कि उन्हें इंडस्ट्री के सबसे व्यस्त अभिनेताओं में गिना जाने लगा।

जब करियर के बीच आ गई निजी जिंदगी

अभिनेता का करियर तेजी से आगे बढ़ रहा था, लेकिन इसी दौरान उनकी निजी जिंदगी में चुनौतियां बढ़ने लगीं। शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उत्पन्न परिस्थितियों का असर उनके पेशेवर जीवन पर भी पड़ने लगा।

एक साक्षात्कार में अविनाश ने स्वीकार किया था कि निजी समस्याओं को करियर पर हावी होने देना उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई। इसी दौरान वे लंबे समय के लिए विदेश चले गए और फिल्म इंडस्ट्री से उनका संपर्क कमजोर पड़ गया।

जो फिल्में ठुकराईं, वही दूसरों के लिए बनीं सुपरहिट

अविनाश वाधवन ने दावा किया था कि कई ऐसी बड़ी फिल्मों के प्रस्ताव पहले उनके पास आए थे, जो बाद में अन्य अभिनेताओं के करियर की सबसे बड़ी सफलताओं में शामिल हुईं।

उनके मुताबिक, ‘फूल और कांटे’ जैसी फिल्म उन्हें ऑफर हुई थी, लेकिन बाद में यह फिल्म अजय देवगन के खाते में गई और उनके करियर का बड़ा मोड़ बनी। इसी तरह ‘दीवाना’ में भी उन्हें भूमिका की पेशकश हुई थी, जो बाद में शाहरुख खान ने निभाई।

उन्होंने यह भी बताया था कि एक अन्य चर्चित फिल्म का मौका सिर्फ इसलिए हाथ से निकल गया क्योंकि वह एक महत्वपूर्ण मुलाकात में समय पर नहीं पहुंच सके थे।

एक ब्रेक ने बदल दी पूरी तस्वीर

लगातार व्यक्तिगत और पेशेवर चुनौतियों के बीच अविनाश ने अभिनय से कुछ समय का ब्रेक लेने का फैसला किया। लेकिन जब वे वापस लौटे, तब तक इंडस्ट्री का माहौल काफी बदल चुका था।

मुख्य अभिनेता के तौर पर अवसर कम होने लगे और उन्हें नए रास्ते तलाशने पड़े। इसके बाद उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा और टेलीविजन की ओर रुख किया।

टीवी और ओटीटी पर जारी रखा सफर

फिल्मों में मुख्य भूमिकाओं के अवसर कम होने के बाद अविनाश ने टेलीविजन में काम करना शुरू किया। बाद के वर्षों में उन्होंने विभिन्न धारावाहिकों और डिजिटल मंचों पर भी काम किया।

हालांकि 90 के दशक वाली लोकप्रियता उन्हें दोबारा नहीं मिल सकी, लेकिन उन्होंने अभिनय से जुड़ाव बनाए रखा। वर्तमान समय में वह बड़े पर्दे से काफी दूर हैं और चुनिंदा प्रोजेक्ट्स में ही नजर आते हैं।

एक दौर में थे सबसे आगे, आज हैं गुमनाम

90 के दशक की शुरुआत में जिन अभिनेताओं को अविनाश वाधवन का समकालीन माना जाता था, उनमें कई कलाकार आगे चलकर बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारे बने। वहीं अविनाश का करियर अलग राह पर चला गया।

फिल्मी दुनिया में सफलता और असफलता के बीच की पतली रेखा का उदाहरण माने जाने वाले अविनाश वाधवन की कहानी आज भी इस बात की याद दिलाती है कि प्रतिभा के साथ सही समय पर लिए गए फैसले भी करियर की दिशा तय करते हैं।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.