दोस्ती से राजनीति तक… डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सीनेटर के निधन पर बड़ा फैसला, पूरे अमेरिका में झुकेंगे राष्ट्रीय ध्वज
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगी और वरिष्ठ सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन पर पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाए रखने का आदेश दिया है। ट्रंप ने कहा कि दिवंगत नेता के सम्मान में सभी अमेरिकी झंडे शनिवार शाम 6 बजे तक आधे झुके रहेंगे। उन्होंने ग्राहम को सच्चा देशभक्त, महान इंसान और अपने सबसे करीबी मित्रों में से एक बताया।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि लिंडसे ग्राहम ने अमेरिका और अपने गृह राज्य साउथ कैरोलिना की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि उनके सम्मान में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाए रखने का निर्णय लिया गया है और देश हमेशा उनके योगदान को याद रखेगा।
अचानक बीमारी के बाद हुआ निधन
सीनेटर लिंडसे ग्राहम का भारतीय समयानुसार 12 जुलाई को निधन हो गया। उनके कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि एक छोटी लेकिन अचानक आई बीमारी के कारण उनका निधन हुआ। उनके निधन की खबर सामने आते ही अमेरिकी राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
ट्रंप ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राहम एक सच्चे राष्ट्रभक्त थे और उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से करीबी राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध रहे थे।
ईरान नीति को लेकर रहे थे मुखर
लिंडसे ग्राहम हाल के वर्षों में अमेरिका की विदेश नीति, विशेष रूप से ईरान को लेकर अपने कड़े रुख के कारण लगातार चर्चा में रहे। उन्होंने ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की वकालत की थी और परमाणु ठिकानों पर कार्रवाई संबंधी फैसलों का भी समर्थन किया था। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के दौरान भी वह ट्रंप की नीतियों के समर्थक रहे।
राष्ट्रपति पद की दौड़ में भी आजमाई थी किस्मत
साल 2016 में लिंडसे ग्राहम ने रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने का प्रयास किया था। हालांकि बाद में डोनाल्ड ट्रंप पार्टी के उम्मीदवार बने और चुनाव जीतने के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक रिश्ते और मजबूत हो गए।
ट्रंप के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में थे शामिल
राजनीतिक हलकों में लिंडसे ग्राहम को ट्रंप के सबसे करीबी सहयोगियों में गिना जाता था। दोनों कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और निजी मुलाकातों में साथ दिखाई देते थे। गोल्फ कोर्स से लेकर अहम राजनीतिक बैठकों तक उनकी नजदीकियां अक्सर चर्चा का विषय रहती थीं।