एनसीआर में पुराने ट्रक-बस मालिकों के लिए ‘परिवर्तन योजना’ लागू, नए BS-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलेंगी कई बड़ी रियायतें
गौतमबुद्धनगर: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने “परिवर्तन योजना” लागू की है। योजना के तहत पुराने प्रदूषणकारी ट्रक और बसों के स्थान पर BS-VI, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने वाले वाहन स्वामियों को कई तरह की रियायतें और आर्थिक प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
इन वाहन मालिकों को मिलेगा योजना का लाभ
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के अनुसार, योजना का लाभ केवल एनसीआर में पंजीकृत BS/URO-I, BS-II, BS-III और BS-IV उत्सर्जन मानक वाले ट्रक एवं बसों के मालिकों को मिलेगा।
BS-III और उससे पहले के उत्सर्जन मानक वाले वाहनों को अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) में स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा। वहीं BS-IV वाहनों को स्क्रैप कराने या एनसीआर से बाहर गैर-एनसीआर क्षेत्र में बेचने का विकल्प रहेगा।
नए वाहन के लिए तय की गई हैं ये शर्तें
योजना के तहत खरीदा जाने वाला नया या पुराना वाहन BS-VI या उससे उच्च उत्सर्जन मानक वाला अथवा इलेक्ट्रिक वाहन होना चाहिए। साथ ही उसका पंजीकरण एनसीआर क्षेत्र में होना अनिवार्य रहेगा।
योजना के तहत मिलेंगे ये प्रमुख लाभ
पुराने BS/URO-I, BS-II, BS-III और BS-IV वाहनों को स्क्रैप कराने के बाद खरीदे गए नए BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहन पर पंजीकरण की तारीख से 10 वर्ष तक 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट मिलेगी।
योजना के अंतर्गत नए वाहन के पंजीकरण शुल्क में भी 100 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी।
बस और मालवाहक वाहन मालिकों को स्क्रैपिंग के बाद प्राप्त सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CoD) के आधार पर नया BS-VI डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एक वर्ष से अधिक का बकाया कर और शास्ति पूरी तरह माफ की जाएगी।
यदि BS-IV वाहन को एनसीआर से बाहर बेचकर नया BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा जाता है, तो पंजीकरण की तारीख से 10 वर्ष तक 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट मिलेगी।
वाहन निर्माता कंपनियां नए वाहन की खरीद पर 8 प्रतिशत तक अग्रिम छूट भी उपलब्ध कराएंगी।
CoD ट्रांसफर और ब्याज अनुदान की भी सुविधा
जो वाहन स्वामी स्क्रैपिंग के बाद नया वाहन नहीं खरीदना चाहते, उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CoD) के हस्तांतरण यानी ट्रेडिंग की सुविधा भी मिलेगी।
इसके अलावा डीजल और सीएनजी वाहनों की खरीद पर 5 वर्ष तक ब्याज अनुदान और 5 वर्ष तक मासिक ईंधन वाउचर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
दो वर्ष के भीतर उठाना होगा योजना का लाभ
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक लाभ को ध्यान में रखते हुए अधिसूचना जारी होने की तारीख से दो वर्ष के भीतर अपने पुराने वाहनों का प्रतिस्थापन करा लें। योजना से संबंधित किसी भी जानकारी या समस्या के लिए संबंधित परिवहन कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।