ईरान पर हमले की बड़ी तैयारी! ब्रिटेन के एयरबेस से उड़ा अमेरिका का B-1 बॉम्बर, ट्रंप की चेतावनी के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
लंदन: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम बी-1 बॉम्बर तैनात किया है। बताया जा रहा है कि इस बॉम्बर का इस्तेमाल ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया गया। इस कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है। वहीं, ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी भी नए हमले का जवाब वह “आंख के बदले आंख” की नीति के तहत देगा।
अमेरिका ने तेज किया सैन्य अभियान
अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका ने ब्रिटेन स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से बी-1 बॉम्बर उड़ाकर ईरान के खिलाफ अपना सैन्य अभियान और तेज कर दिया है। इसे ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम के कार्यकाल में ब्रिटिश धरती से शुरू हुआ पहला बड़ा अमेरिकी सैन्य मिशन माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बॉम्बर का इस्तेमाल आईआरजीसी के ठिकानों पर हमले के लिए किया गया। बी-1 बॉम्बर अमेरिकी वायुसेना का लंबी दूरी तक हमला करने वाला रणनीतिक विमान है, जो एक साथ 24 तक दो हजार पाउंड वजन वाले बम ले जाने की क्षमता रखता है।
ब्रिटेन ने एयरबेस इस्तेमाल की दी अनुमति
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन ने अमेरिका को आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस और हिंद महासागर स्थित डिएगो गार्सिया एयरबेस का उपयोग रक्षात्मक अभियानों के लिए जारी रखने की अनुमति दी है। हालांकि, इस फैसले को लेकर ब्रिटिश सरकार के भीतर मतभेद की खबरें भी सामने आई हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर हमला हुआ तो अमेरिका ईरान के अहम बुनियादी ढांचे, जिनमें पुल और बिजली संयंत्र शामिल हैं, को निशाना बना सकता है।
इराक हमले के बाद ईरान ने दी जवाबी चेतावनी
इराक के शालमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर हुए अमेरिकी हमले में दो लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने की सूचना है। इसके बाद ईरान ने अपना रुख और सख्त कर लिया है। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि ईरान किसी भी हमले का करारा जवाब देगा और उसका सिद्धांत “आंख के बदले आंख” रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमले में सहयोग करने वाले देशों को भी वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा।
पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट, रक्षा बजट भी बढ़ा
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पूरे पश्चिम एशिया में लड़ाकू विमानों और बॉम्बर्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसी बीच अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 1.15 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा नीति विधेयक भी पारित कर दिया है, जिससे पेंटागन और खुफिया एजेंसियों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी। वहीं, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के जवाबी हमलों से अमेरिकी ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।