ट्रंप-नेतन्याहू की हाई-प्रोफाइल मुलाकात में क्या हुआ? गाजा, ईरान, लेबनान से अब्राहम समझौतों तक हुई अहम चर्चा, मीटिंग से पहले क्यों नाराज हुए अमेरिकी राष्ट्रपति

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वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में मंगलवार को अहम बैठक हुई। ईरान के खिलाफ संयुक्त युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में ईरान, गाजा, लेबनान और अब्राहम समझौतों सहित कई रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक ऐसे समय हुई जब दोनों नेता अपने-अपने देशों में राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे हैं। वहीं, बैठक के दौरान व्हाइट हाउस के बाहर नेतन्याहू के विरोध में प्रदर्शन भी हुआ।

नेतन्याहू ने बैठक को बताया बेहद सफल

बैठक के बाद नेतन्याहू ने कहा कि यह केवल औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि दोनों देशों की साझेदारी, पारस्परिक समर्थन और साझा रणनीतिक लक्ष्यों पर गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। इसके अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी दोनों नेताओं के बीच सहमति बनी।

ईरान पर आगे की रणनीति को लेकर ट्रंप पर जताया भरोसा

बैठक से जुड़े एक इजरायली अधिकारी के अनुसार, नेतन्याहू ने ट्रंप और उनकी टीम से कहा कि यदि ईरान इजरायल पर हमला करता है तो उसका जवाब दिया जाएगा। हालांकि आगे की रणनीति और संभावित कदमों को लेकर उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्णय पर भरोसा जताया।

बैठक से पहले खुफिया जानकारी को लेकर नाराज हुए ट्रंप

मुलाकात से पहले ट्रंप ने उन रिपोर्टों पर नाराजगी जताई, जिनमें दावा किया गया था कि नेतन्याहू ईरान की एक संभावित परमाणु साइट से जुड़ी खुफिया जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करने की तैयारी में हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान की गतिविधियों की पूरी जानकारी है और इस विषय पर अलग से सार्वजनिक बयान देने की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी जानकारी सार्वजनिक करने की जरूरत क्यों पड़ी।

इजरायल ने खुफिया सहयोग जारी रखने की बात दोहराई

इजरायली पक्ष की ओर से कहा गया कि इजरायल भविष्य में भी अमेरिका के साथ खुफिया जानकारी साझा करता रहेगा। साथ ही यह भी स्वीकार किया गया कि अमेरिका की अपनी रणनीति, समयसीमा और क्षेत्रीय सहयोगियों से जुड़े अलग-अलग हित हैं, जिन्हें किसी भी बड़े फैसले से पहले ध्यान में रखना आवश्यक है।

लेबनान और अब्राहम समझौतों पर भी हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में लेबनान से जुड़े सुरक्षा ढांचे और अब्राहम समझौतों के विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने उन देशों के साथ संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की, जिन्होंने पहले ही इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य किए हैं। दक्षिणी लेबनान की सुरक्षा व्यवस्था और वहां की मौजूदा स्थिति भी बैठक के प्रमुख एजेंडों में शामिल रही।

गाजा में अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती पर भी विचार

इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव के तहत गाजा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती पर भी चर्चा हुई। योजना के अनुसार, सीमित क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती के जरिए सुरक्षा और पुनर्वास व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में आगे की बातचीत अगले सप्ताह प्रस्तावित है।

व्हाइट हाउस के बाहर हुआ विरोध प्रदर्शन

जब दोनों नेताओं की बैठक चल रही थी, उसी दौरान व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने गाजा युद्ध और इजरायल की नीतियों का विरोध करते हुए उनके खिलाफ प्रदर्शन किया।

बैठक के बाद ईरान ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें

बैठक के कुछ घंटे बाद ईरान ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेना के अनुसार, सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया और किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली।

 

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