यूपी विधानसभा मानसून सत्र आज से, राम मंदिर दान मामले और पेपर लीक पर सरकार को घेरने की तैयारी; अनुपूरक बजट भी रहेगा केंद्र में

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। चार दिन तक चलने वाले इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के आसार हैं। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल राम मंदिर दान से जुड़े कथित मामले, पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। वहीं सरकार अनुपूरक बजट और कई अहम विधायी कार्यों को पारित कराने पर जोर देगी।

पहले दिन शोक प्रस्ताव, दूसरे दिन आएगा अनुपूरक बजट

सत्र के पहले दिन निजामाबाद (आजमगढ़) से समाजवादी पार्टी के विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। 4 अगस्त को सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में पेश करेगी।

राम मंदिर दान और पेपर लीक पर विपक्ष की रणनीति तैयार

विपक्ष ने राम मंदिर दान से जुड़े कथित मामले और पेपर लीक को प्रमुख मुद्दा बनाने का फैसला किया है। संसद परिसर में इन मुद्दों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद अब विधानसभा परिसर और सदन के भीतर भी विपक्ष के आक्रामक रुख की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि सत्र के दौरान सदन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।

6 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र

विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार मानसून सत्र 6 अगस्त तक चलेगा। 4 अगस्त को अध्यादेश सदन में रखे जाएंगे और दोपहर 12:20 बजे अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया जाएगा। 5 अगस्त को विधायी कार्य होंगे, जबकि 6 अगस्त को अनुपूरक बजट पर चर्चा कराई जाएगी। इसी दिन मुख्यमंत्री सदन में बजट और सरकार का पक्ष रख सकते हैं।

50 हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है अनुपूरक बजट

सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले अनुपूरक बजट का आकार लगभग 50 हजार करोड़ रुपये हो सकता है। अंतिम स्वरूप वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के बाद तय किया जाएगा। इससे पहले राज्य सरकार इस वित्तीय वर्ष के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का मूल बजट पेश कर चुकी है।

इन योजनाओं को मिल सकती है प्राथमिकता

सूत्रों के मुताबिक अनुपूरक बजट में तीन लिंक एक्सप्रेस-वे, उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर, मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए स्कूटी योजना, कैशलेस इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा सरकार विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को भी पूरा करने की तैयारी में है।

जीरो पावर्टी योजना और नई घोषणाओं पर भी नजर

सरकार अनुपूरक बजट के जरिए जीरो पावर्टी योजना को फिर गति देने पर भी विचार कर रही है। इस योजना का उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के बावजूद गरीबी में जीवन यापन कर रहे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें गरीबी रेखा से बाहर लाना है। इसके साथ ही युवाओं के रोजगार, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि सरकार अपने संकल्प पत्र में शामिल कुछ लंबित योजनाओं को भी इस अनुपूरक बजट में शामिल करने पर विचार कर रही है।

 

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