योगी कैबिनेट की आज अहम बैठक, 20 से ज्यादा प्रस्तावों पर फैसला संभव; मदरसा कानून से लेकर फसल बीमा तक कई बड़े मुद्दे एजेंडे में
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस बैठक में 20 से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। कैबिनेट के एजेंडे में अनुपूरक बजट, मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम में संशोधन, जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे, प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।
अनुपूरक बजट से जुड़े प्रस्ताव पर भी होगी चर्चा
कैबिनेट बैठक में मंगलवार को विधानमंडल में पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट से संबंधित प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसके अलावा जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे को गंगा एक्सप्रेस-वे से बुलंदशहर के रास्ते जोड़ने से जुड़े प्राक्कलन को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने आएगा।
मदरसों में कामिल-फाजिल डिग्री पर लग सकती है कानूनी रोक
कैबिनेट बैठक में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 में संशोधन का प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश के मदरसे अब कामिल और फाजिल स्तर की डिग्री प्रदान नहीं कर सकेंगे। इस बदलाव को कानूनी रूप देने के लिए अधिनियम में संशोधन की तैयारी की गई है।
प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण गठन का प्रस्ताव
बैठक के एजेंडे में प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके साथ ही प्रदेश में सात बहुउद्देश्यीय हब के निर्माण के लिए भूमि नि:शुल्क हस्तांतरण और घुमंतू विकास बोर्ड के गठन से जुड़े प्रस्तावों पर भी कैबिनेट विचार करेगी।
आईटी विभाग और फसल बीमा से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के दो प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखे जाएंगे। इसके अलावा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शी सिद्धांतों में संशोधन तथा भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को उत्तर प्रदेश में लागू करने संबंधी प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
समुदाय परियोजना और सीएजी से जुड़े प्रस्तावों पर भी फैसला संभव
कैबिनेट बैठक में समुदाय परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 6 फरवरी 2015 को हुए करार की अवधि दूसरी बार पांच वर्ष बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसके अलावा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से संबंधित एक प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।