कांवड़ियों की यात्रा सम्मानपूर्ण हो, इसके लिए यूपी सरकार कृतसंकल्पित: सीएम योगी; बोले- कांवड़ यात्रा को बनाएं सेवा का उत्सव

0 30

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को लेकर प्रदेशवासियों के नाम अपनी पाती जारी की है। इसमें उन्होंने कांवड़ियों से यात्रा को सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा का उत्सव बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर शिवभक्त की यात्रा सम्मानपूर्ण ढंग से पूरी हो, इसके लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। उन्होंने श्रद्धालुओं से पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाने, प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प लेने और यात्रा मार्ग पर एंबुलेंस या विद्यालय वाहन को प्राथमिकता देने की अपील भी की।

कांवड़ यात्रा को बताया समरसता का महापर्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में कहा कि भारतीय परंपराओं में कुछ यात्राएं केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि समाज, संस्कृति, अनुशासन और लोकजीवन की जीवंत पाठशाला भी बनती हैं। श्रावण में निकलने वाली कांवड़ यात्रा ऐसी ही परंपरा है, जो हर साल करोड़ों श्रद्धालुओं को शिवभक्ति से जोड़ती है।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा में हर शिवभक्त की पहचान कांवड़िया के रूप में होती है। भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और हृदय में भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा के साथ श्रद्धालु यात्रा करते हैं। पैदल चलने वाले कदम अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी का लक्ष्य महादेव का जलाभिषेक करना होता है। इस दौरान जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्र और आर्थिक भेद पीछे छूट जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को समरसता का महापर्व बताते हुए इसे सनातन संस्कृति के समभाव का जीवंत उदाहरण बताया।

तप, सेवा और आत्मसंयम का संदेश देती है कांवड़ यात्रा

योगी आदित्यनाथ ने भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि समुद्र मंथन के समय सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने हलाहल अपने कंठ में धारण किया था। इसी विष की उष्णता को शांत करने के लिए देवताओं ने उनका गंगाजल से अभिषेक किया। तभी से श्रावण मास में भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने की परंपरा को विशेष पुण्यदायी माना जाता है।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा तप, सेवा, आत्मसंयम और परस्पर सहयोग का संदेश देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तप से चरित्र निखरता है, सेवा से समाज मजबूत होता है और एकता से राष्ट्र आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि कई दिव्यांग शिवभक्त भी कठिनाइयों की परवाह किए बिना पूरे उत्साह के साथ कांवड़ यात्रा पूरी करते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास और समर्पण ही इस यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति है।

कांवड़ियों के लिए सरकार ने की विशेष व्यवस्थाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शिवभक्त की यात्रा सम्मानपूर्ण ढंग से पूरी हो, इसके लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। कांवड़ियों के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा की व्यवस्था की गई है और यात्रा मार्गों पर स्वच्छता सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने बताया कि यात्रा को सुचारु बनाने के लिए व्यवस्थित शिविर, शुद्ध पेयजल, चिकित्सकीय सहायता, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही प्रभावी यातायात प्रबंधन और नियंत्रण कक्ष से लगातार निगरानी के जरिए यात्रा को व्यवस्थित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण और यातायात अनुशासन की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों से यात्रा को सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा का उत्सव बनाने का आग्रह किया। उन्होंने पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाने और प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर यदि एंबुलेंस या विद्यालय का वाहन गुजर रहा हो तो उसे पहले रास्ता दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की छोटी-सी सजगता किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी सहायता साबित हो सकती है।

श्रद्धा, अनुशासन और सेवा को बताया यात्रा की आत्मा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इस पवित्र परंपरा की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा का भाव कांवड़ यात्रा की आत्मा है और यही भगवान शिव के लोकमंगल का वास्तविक संदेश भी है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.