छात्राओं को स्कूटी देने की प्रक्रिया तेज, हर पाठ्यक्रम की कम से कम एक मेधावी छात्रा को मिलेगी सौगात; 50 हजार तक को लाभ की तैयारी

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की योजना पर अब तेजी से काम शुरू हो गया है। योगी सरकार की कैबिनेट से मंजूरी और बजट आवंटन के बाद उच्च शिक्षा विभाग विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों से मेधावी छात्राओं का ब्योरा जुटाकर सूची को अंतिम रूप देने में लगा है। खास बात यह है कि जिन पाठ्यक्रमों में छात्राओं की संख्या कम है, वहां भी कम से कम एक मेधावी छात्रा को स्कूटी देने का फैसला किया गया है।

टॉप पांच प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी

योजना के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों में टॉप पांच प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की तैयारी है। कुछ पाठ्यक्रमों में कुल छात्राओं की संख्या कम होने के कारण पांच प्रतिशत का आंकड़ा एक से भी कम आ रहा है। ऐसे मामलों में न्यूनतम एक छात्रा को स्कूटी देने का प्रावधान किया जा रहा है।

इससे उन पाठ्यक्रमों की मेधावी छात्राओं को भी योजना का लाभ मिल सकेगा, जहां छात्राओं की संख्या बहुत कम है। अधिकारियों की ओर से पात्र छात्राओं की सूची तैयार करने का काम तेज कर दिया गया है।

विश्वविद्यालय और कॉलेजों से मांगा गया छात्राओं का ब्योरा

उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों से मेधावी छात्राओं से जुड़ी जानकारी मांगी है। शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण करने वाली मेधावी छात्राओं के परीक्षा परिणाम सहित अन्य जरूरी विवरण मांगे गए हैं।

इसके अलावा शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्नातक द्वितीय वर्ष उत्तीर्ण करने वाली उन छात्राओं का ब्योरा भी मांगा गया है, जिन्होंने 80 प्रतिशत से अधिक अंक या आठ से अधिक सीजीपीए हासिल किया है।

वहीं, स्नातक द्वितीय वर्ष में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक अथवा 8.5 सीजीपीए या उससे अधिक हासिल करने वाली छात्राओं और इससे भी अधिक अंक प्रतिशत पाने वाली मेधावी छात्राओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पोर्टल पर परिणाम अपलोड करने और उसकी जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उच्च शिक्षण संस्थानों से मिले आंकड़ों का सत्यापन भी किया जाएगा।

80 प्रतिशत से कम अंक होने पर भी मिल सकती है स्कूटी

बैचलर ऑफ वोकेशनल और फाइन आर्ट्स समेत कुछ पाठ्यक्रमों में छात्राओं की संख्या इतनी कम है कि टॉप पांच प्रतिशत का आंकड़ा एक से भी कम निकल रहा है। ऐसे पाठ्यक्रमों में कम से कम एक सर्वाधिक अंक पाने वाली मेधावी छात्रा को स्कूटी देने की तैयारी है।

यदि किसी पाठ्यक्रम में 80 प्रतिशत तक अंक पाने वाली टॉप पांच प्रतिशत छात्राओं की संख्या एक से कम आती है, तब भी उस पाठ्यक्रम की सर्वाधिक अंक पाने वाली छात्रा को योजना का लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों की मेधावी छात्राओं को योजना से बाहर होने से रोकना है।

कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों पर भी मंथन

उच्च शिक्षा विभाग फिलहाल विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से आंकड़े जुटाने के साथ उन पाठ्यक्रमों की स्थिति का भी अध्ययन कर रहा है, जहां छात्राओं की संख्या कम है या निर्धारित अंक प्रतिशत के आधार पर पात्र छात्राओं की संख्या एक से कम बन रही है।

अधिकारियों का प्रयास है कि नियमों के दायरे में रहते हुए ऐसे पाठ्यक्रमों की मेधावी छात्राओं को भी योजना का लाभ दिया जा सके। विभाग जल्द ही पात्र छात्राओं को मुफ्त स्कूटी की सौगात देने की तैयारी में जुटा है।

50 हजार मेधावी छात्राओं को पहले चरण में लाभ देने की तैयारी

विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में टॉप पांच प्रतिशत मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की योजना है। इसमें न्यूनतम 80 प्रतिशत तक अंक पाने वाली छात्राओं को शामिल किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के पास योजना के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का बजट है।

इसी बजट के आधार पर पहले चरण में करीब 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी है। आगे पात्र और मेधावी छात्राओं की संख्या बढ़ने पर आवश्यकता के अनुसार बजट में भी बढ़ोतरी की जा सकती है।

 

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