कृति-कंगना विवाद में कूदे केंद्रीय मंत्री रिजीजू, बोले- आपको आजादी है तो आलोचना का अधिकार भी दूसरों को

0 25

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत की ओर से अभिनेत्री कृति सैनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में पहने कपड़ों पर की गई टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को अपनी पसंद के कपड़े पहनने और अपनी बात रखने की आजादी है, तो दूसरे लोगों को उस पर असहमति जताने और आलोचना करने का भी अधिकार है।

अभिव्यक्ति की आजादी पर रिजीजू ने रखा अपना पक्ष

इंडिया टुडे टीवी को दिए साक्षात्कार में किरेन रिजीजू ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी किसी एक पक्ष तक सीमित नहीं हो सकती। उनके मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को अपनी पसंद के अनुसार कुछ कहने या व्यक्त करने का अधिकार है तो दूसरे व्यक्ति को उससे असहमति जताने और उसका विरोध करने की स्वतंत्रता भी होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी विचार की आलोचना करना भी अभिव्यक्ति की आजादी का हिस्सा है।

क्या है कृति सैनन और कंगना रनौत के बीच विवाद?

दरअसल, हाल ही में एक आभूषण ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति सैनन के कपड़ों को लेकर सामाजिक माध्यमों पर विवाद खड़ा हो गया था। विज्ञापन में कृति ने ब्रालेट शैली का ब्लाउज पहना था, जिसे लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और इसे रक्षाबंधन जैसे त्योहार की भावनाओं के अनुरूप नहीं बताया। इसी मुद्दे पर कंगना रनौत ने भी कृति का नाम लिए बिना टिप्पणी करते हुए सवाल किया था कि क्या कोई बिकनी में अपने भाई को राखी बांधेगा।

कंगना की टिप्पणी के बाद इस मामले में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने उनके रुख का समर्थन किया, जबकि कई लोगों ने महिलाओं के कपड़ों पर टिप्पणी किए जाने पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि किसी महिला को अपनी पसंद के कपड़े पहनने का अधिकार है और उसके पहनावे को लेकर इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती।

इसके बाद कृति सैनन के खिलाफ कंगना की टिप्पणी को लेकर जब किरेन रिजीजू से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यदि किसी को अपनी पसंद व्यक्त करने की स्वतंत्रता है, तो उसे दूसरों को असहमति जताने या विरोध करने से रोकना भी सही नहीं होगा। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि आलोचना करना भी अभिव्यक्ति की आजादी के दायरे में आता है।

‘मैं उन्हें नहीं सिखा सकता’

केंद्रीय मंत्री से जब पूछा गया कि क्या भाजपा नेताओं को सार्वजनिक बयानों में संयम बरतना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उनकी भूमिका संसद की प्रक्रिया को लेकर सांसदों का मार्गदर्शन करने तक सीमित है। संसद के बाहर कोई सांसद क्या बोले और क्या न बोले, यह तय करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद के बाहर कंगना रनौत की ओर से दिए गए बयान उनके निजी विचार हैं।

‘गटर जनरेशन’ बयान पर भी रिजीजू ने दी सफाई

साक्षात्कार के दौरान किरेन रिजीजू से कंगना रनौत के उस बयान को लेकर भी सवाल किया गया, जिसमें उन्होंने जेन-जी प्रदर्शनकारियों को ‘गटर जनरेशन’ कहा था। इस पर रिजीजू ने कहा कि उन्होंने कंगना का स्पष्टीकरण सुना है। उनके अनुसार, कंगना ने पूरी पीढ़ी के लिए यह शब्द नहीं कहा था, बल्कि उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया था जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था।

रिजीजू से यह भी पूछा गया कि क्या ऐसे मामलों में लड़कों और लड़कियों के लिए समान मापदंड होना चाहिए। इस पर उन्होंने कहा कि उनके लिए लड़के और लड़कियां बराबर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री को गाली देगा तो उसका ऐसा करना गलत ही माना जाएगा।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.