अलीगढ़ में बारिश ने बिगाड़ा किसानों का हिसाब! खेतों में बिछी धान की फसल, मंडी में भाव भी गिरे; भारी नुकसान की आशंका

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अलीगढ़: जिले में शुक्रवार रात से हुई बारिश और तेज ठंडी हवाओं ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर दी। कई ग्रामीण इलाकों में पककर तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई। धान के साथ बाजरा और ज्वार की फसल को भी नुकसान की सूचना है। बारिश के कारण बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा और 80 प्रतिशत से अधिक बाजारों में कारोबार प्रभावित होने की बात सामने आई है।

तेज हवा के साथ बारिश ने खेतों में बिछाई फसल

शुक्रवार रात शुरू हुई हल्की बौछार आधी रात के बाद रिमझिम बारिश में बदल गई। इसके साथ चली तेज हवाओं ने कई इलाकों में खड़ी फसल को जमीन पर गिरा दिया। जिले में धान का रकबा करीब 1 लाख 64 हजार हेक्टेयर है और अलग-अलग क्षेत्रों से फसल प्रभावित होने की सूचनाएं मिल रही हैं।

अकराबाद, गोंडा, गभाना, हरदुआगंज और गंगीरी समेत कई ब्लॉकों में कृषि विभाग की टीमों ने खेतों का जायजा लिया। इस दौरान कई जगह धान की फसल जमीन पर गिरी मिली। कुछ खेतों में धान पक चुका है, जबकि कई जगह फसल में बालियां आ रही हैं। ऐसे समय बारिश और हवा से फसल गिरने पर किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सता रही है।

धनीपुर क्षेत्र में भी धान की फसल खेतों में गिर गई। पानी में डूबने से धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। बाबूपुर निवासी किसान चौधरी नवाब सिंह ने बताया कि उनकी पांच एकड़ में लगी धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। रविवार को भी बारिश की संभावना के चलते किसानों को बची हुई फसल के गिरने की चिंता बनी हुई है।

जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि विभाग की टीमें अलग-अलग स्थानों पर खेतों का निरीक्षण कर रही हैं। प्रभावित खेतों की स्थिति को सूचीबद्ध किया जा रहा है।

गभाना में सैकड़ों एकड़ धान और बाजरा प्रभावित

गभाना तहसील क्षेत्र में शनिवार सुबह से तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से धान और बाजरा की फसल को नुकसान पहुंचा। क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ धान की फसल खेतों में लेट गई। किसानों को डर है कि अगर दोबारा तेज बारिश हुई और खेतों में पानी भर गया तो जमीन पर गिरी फसल की बालियां अंकुरित हो सकती हैं।

लालपुर के ललित, पनिहावर के वीरपाल, भरतरी के हीरेश कुमार और मलिकपुरा के शेरपाल सिंह समेत किसानों ने बारिश को फसल के लिए नुकसानदायक बताया। किसानों ने प्रशासन से खेतों में हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।

चंडौस में खेतों में भरा पानी, धान की फसल गिरी

चंडौस में शनिवार सुबह से लगातार हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। खेतों में पानी भरने के कारण कई जगह धान की फसल जलमग्न हो गई, जबकि तेज बारिश से कई खेतों में खड़ी फसल जमीन पर गिर गई।

ताजपुर निवासी किसान रुकनपाल सिंह तोमर पुत्र जोगिंदर सिंह तोमर की करीब 10 बीघा धान की फसल भी बारिश के कारण खेत में गिर गई। किसान का कहना है कि फसल के गिरने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।

खैर मंडी में धान भीगा, किसानों को भाव गिरने की दोहरी मार

खैर स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति में इन दिनों धान की बंपर आवक हो रही है। शनिवार को हुई बारिश ने यहां भी किसानों की मुश्किल बढ़ा दी। खुले में रखा धान बारिश की चपेट में आकर भीग गया। इसके साथ ही धान के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई।

शुक्रवार तक करीब 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिकने वाला धान शनिवार को घटकर 3 हजार से 3,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। भाव में अचानक आई गिरावट से किसानों की आर्थिक चिंता बढ़ गई। बारिश के कारण मंडी में धान की खरीद भी प्रभावित हुई।

 

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