नेपाल से आए पानी ने सरयू को बनाया काल, मंदिर-मस्जिद समेत कई मकान नदी में समाए; 18 साल का रिकॉर्ड टूटा

0 19

बाराबंकी: नेपाल से छोड़े गए पानी और लगातार बारिश के बीच सरयू नदी ने बाराबंकी में तबाही मचा दी है। रामनगर तहसील के हेतमापुर में तेज बहाव और कटान की चपेट में मस्जिद, शिव मंदिर और करीब 10 मकान नदी में समा गए। हालात बिगड़ते देख ग्रामीण अपने पक्के मकानों को खुद तोड़कर गृहस्थी का सामान सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में जुटे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी भयावह कटान पिछले 18 वर्षों में नहीं देखी गई।

रात में अचानक तेज हुई कटान

हेतमापुर में शनिवार शाम तक सरयू का बहाव सामान्य था, लेकिन रात करीब दो बजे जलस्तर बढ़ने के साथ कटान ने अचानक रफ्तार पकड़ ली। सबसे पहले नदी के किनारे बनी मस्जिद तेज धारा की चपेट में आकर बह गई। इसके कुछ ही देर बाद पास का शंकरजी मंदिर भी नदी में समा गया।

इसके बाद कटान बाबा नारायण दास की तपोस्थली की तरफ बढ़ने लगी। मंदिर के निचले हिस्से का लिंटर भी नदी में समा चुका है। मंदिर को बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से ट्रॉलियों से बोल्डर-पत्थर और ईंटों से भरी बोरियां नदी में डाली गईं, लेकिन तेज बहाव के सामने ये इंतजाम टिक नहीं सके।

घर बचाने की उम्मीद छोड़ी, खुद तोड़ने लगे मकान

कटान के मुहाने पर पहुंचे मकानों को बचाने की उम्मीद कमजोर पड़ने के बाद ग्रामीणों ने खुद ही घर तोड़ना शुरू कर दिया। जिन मकानों में लोगों ने वर्षों से अपनी गृहस्थी बसाई थी, उन्हीं की दीवारें रविवार को लोग अपने हाथों से गिराते नजर आए।

गांव में इस दौरान चीख-पुकार और अफरातफरी का माहौल बना रहा। ग्रामीण जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे रहे।

पशु अस्पताल भी नदी की जद में

सरयू का कटान अब पशु अस्पताल तक पहुंच गया है। अस्पताल की बाउंड्रीवाल नदी में समा चुकी है और भवन की तरफ भी तेजी से कटान हो रहा है। खतरे को देखते हुए अस्पताल को खाली करा दिया गया है। वहां मौजूद जरूरी सामान को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

कटान की गंभीर स्थिति को देखते हुए रविवार को एडीएम निरंकार सिंह, एसपी अर्पित विजय वर्गीय, एएसपी विवेक तिवारी और सीएमओ डॉ. रंजन गौतम समेत कई अधिकारी हेतमापुर पहुंचे। एसडीएम आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह भी सुबह से मौके पर मौजूद रहे और हालात की निगरानी करते रहे।

प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। उनके लिए भोजन की व्यवस्था भी कराई गई है। बाढ़ खंड की टीम मंदिर को बचाने के प्रयास में जुटी हुई है।

इन ग्रामीणों के मकान नदी में समाए

जगदीश वर्मा, रामतेज, मैकू, विनोद, संतोष, ब्रजेश, शिव नारायण, भिशोक, राम किशोर, श्रीराम, राजा राम, गीता देवी, छोटू, इश्तियाक, ननकू और कोमल के मकान नदी में समा चुके हैं।

कई और मकानों पर मंडरा रहा खतरा

रहमत, अहमद, सलीम, मुन्ना, अय्यूब, इरफान, यूनुस, भड़काऊ, बकरीदी, रियाज, लवकुमार, मंशाराम, शोभाराम और बाबा दीन समेत कई ग्रामीणों के मकान भी कटान के मुहाने पर पहुंच चुके हैं। इससे आसपास की आबादी में दहशत का माहौल है।

18 साल में ऐसी कटान नहीं देखी

ग्रामीणों के मुताबिक, हेतमापुर में रविवार जैसी भयावह कटान करीब 18 वर्षों में नहीं हुई। पशु अस्पताल की ओर आबादी लगातार कटती जा रही है। मस्जिद के पूरब की तरफ नदी करीब पांच बीघा खेती योग्य जमीन भी अपने साथ बहा ले गई है। इससे आबादी पर खतरा और बढ़ गया है।

पूरनपुर में सात मकान और दो गायें बहीं

सरयू के दूसरे छोर पर बसे पूरनपुर में भी शनिवार रात नदी की कटान ने भारी नुकसान किया। रामानंद, सुरेश, राकेश, रामजतन, राज कुमार, कमला प्रसाद और मदन लाल के मकान नदी में समा गए। मदन लाल के घर में बंधी दो गायें भी मकान के साथ नदी में बह गईं।

फक्कड़, खुशीराम, भोला, दशरथ और शिवशंकर समेत कई अन्य ग्रामीणों के मकान भी कटान के मुहाने पर हैं। मकान गंवा चुके परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

एसडीएम रामनगर आकांक्षा गुप्ता के अनुसार, हेतमापुर में मस्जिद, शंकरजी मंदिर और करीब 10 मकान नदी में समा चुके हैं। बाढ़ खंड की ओर से मंदिर को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है और उनके भोजन की व्यवस्था भी कराई गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.