UP School Closed: बरेली-पीलीभीत समेत 5 जिलों में आज भी बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज, बारिश के बीच डीएम ने जारी किया आदेश

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश और कई इलाकों में जलभराव को देखते हुए सोमवार को भी पांच जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। बरेली में स्कूलों के साथ डिग्री कॉलेज भी बंद रहेंगे। वहीं लखीमपुर खीरी, रामपुर, पीलीभीत और मुरादाबाद में 12वीं तक के स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। आदेश का पालन नहीं करने वाले शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

लगातार बारिश और आंधी के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सड़क और गलियों में पानी भर गया है। बच्चों की सुरक्षा और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारियों ने यह निर्णय लिया है।

लखीमपुर खीरी में सभी बोर्ड के स्कूल बंद

लखीमपुर खीरी के बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने 28 सितंबर को स्कूलों में अवकाश का आदेश जारी किया है। अतिवृष्टि और जलभराव को देखते हुए इंटर तक के स्कूलों में सोमवार को छुट्टी रहेगी। यह आदेश परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई समेत सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा।

बारिश के कारण शनिवार को भी कई जिलों में स्कूल बंद रखे गए थे। लगातार तीसरे दिन बारिश जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

बारिश-तूफान से 56 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश में पिछले 60 घंटे के दौरान बारिश और तूफान से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की मौत हुई है, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को बताया कि अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 56 जनहानि, 107 पशु हानि और 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है।

जनहानि के मामलों में सीतापुर में सात, लखीमपुर खीरी में पांच, बहराइच में पांच, बलरामपुर में पांच, अयोध्या में चार और गोरखपुर में चार लोगों की मौत की सूचना है।

वहीं घायलों में हरदोई के सात, मैनपुरी के पांच, श्रावस्ती के पांच, बाराबंकी के पांच तथा सीतापुर और लखीमपुर खीरी के तीन-तीन लोग शामिल हैं।

पीलीभीत में बनबसा बैराज से छोड़ा गया भारी पानी

उत्तराखंड और तराई क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण पीलीभीत में बनबसा बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। इससे शारदा नदी के किनारे बसे गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। प्रशासन के मुताबिक नदी में करीब 3.4 लाख क्यूसेक पानी पहुंचने की आशंका है।

लगातार बारिश से किसानों को फसल नुकसान की भी चिंता है। तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण धान और गन्ने की फसल को भारी नुकसान की आशंका जताते हुए किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।

बारिश के बीच बिजली व्यवस्था भी चरमराई

लगातार बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। शहर से लेकर गांवों तक कई स्थानों पर 24 घंटे से ज्यादा समय तक बिजली नहीं आई। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए और लोगों को पानी समेत रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ी।

ग्रामीण क्षेत्रों के कई इलाकों में करीब 36 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जबकि शहरी क्षेत्र में भी कई जगह 24 घंटे बाद तक बिजली नहीं आई। इससे 20 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए। खुदागंज, कटरा, जैतीपुर, जलालाबाद, मदनापुर, कलान, तिलहर, पुवायां, खुटार और बंडा समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद रही।

शनिवार देर रात तक जिले के लगभग सभी विद्युत उपकेंद्रों की लाइनें ब्रेकडाउन में होने के कारण कई इलाकों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी रही।

 

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