ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से TVK ने बनाई दूरी, विजय की पार्टी बोली- व्यक्ति हटाने से नहीं बदलेगी व्यवस्था; SIR का विरोध जारी
नई दिल्ली: तमिलनाडु में थलपति विजय की पार्टी तमिळगा वेत्री कड़गम यानी TVK ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से खुद को अलग कर लिया है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन TVK ने इस मांग का समर्थन नहीं किया है। पार्टी का कहना है कि किसी एक व्यक्ति को पद से हटाने से व्यवस्था में बदलाव नहीं आएगा। हालांकि, TVK ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का विरोध जारी रखने की बात साफ कर दी है।
यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर विवाद चल रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी।
TVK बोली- CEC को हटाना समस्या का समाधान नहीं
TVK के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु के स्कूली शिक्षा मंत्री ए राजमोहन ने पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। उनके मुताबिक, किसी एक व्यक्ति को हटाने से व्यवस्था में बदलाव नहीं आएगा और TVK किसी भटकाने वाली रणनीति का हिस्सा नहीं बनेगी।
हालांकि, राजमोहन ने साफ किया कि पार्टी SIR का विरोध जारी रखेगी। उनके मुताबिक, TVK अध्यक्ष विजय ने सत्ता में आने से पहले ही SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की थी। पार्टी का दावा है कि SIR के दौरान कुछ मतदाताओं के नाम हटाए गए और अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो विधानसभा चुनाव में उसकी जीत और बड़ी होती।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का अभियान तेज
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इस्तीफे और अन्य कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी विवाद के बीच चुनाव आयोग के भीतर SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई थी। इन आपत्तियों में मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची और चुनावी आंकड़ों तक पहुंच से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
वहीं, चुनाव आयोग ने कहा है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय सामने आना प्रक्रिया का हिस्सा है और फैसले अंततः आयोग की सामूहिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं।
कांग्रेस और TVK के बीच पहले भी सामने आ चुके हैं मतभेद
विजय और कांग्रेस के बीच मतभेद की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं। इससे पहले TVK नेताओं और मंत्रियों की ओर से 2029 के लिए विजय को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताए जाने को लेकर विवाद हुआ था। उस समय कांग्रेस के मंत्रियों की ओर से कैबिनेट से इस्तीफा देने की धमकी तक सामने आई थी।
मौजूदा स्थिति में कांग्रेस के पांच विधायक TVK सरकार को समर्थन दे रहे हैं और इनमें से दो विधायकों को विजय ने मंत्री बनाया है। ऐसे में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से TVK का अलग रुख दोनों दलों के बीच राजनीतिक मतभेदों को फिर चर्चा में ले आया है।
एमके स्टालिन भी कर चुके हैं ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
दूसरी ओर, द्रमुक प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। उन्होंने SIR प्रक्रिया रोकने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। द्रमुक ने यह भी कहा है कि संसद में ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाया जाता है तो वह उसका समर्थन करेगी।
इस तरह ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के मुद्दे पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की मांग से TVK ने अलग रुख अपनाया है। हालांकि SIR को लेकर पार्टी अपनी आपत्ति पर कायम है और इसी मुद्दे पर अपना राजनीतिक अभियान आगे बढ़ाने की बात कह रही है।