विदेशी सिविल सेवकों का गौतमबुद्धनगर दौरा, 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने समझा जिले का प्रशासनिक ढांचा और विकास मॉडल
नोएडा: विभिन्न देशों के 40 सदस्यीय सिविल सेवकों के प्रतिनिधिमंडल ने एनसीजीजी टीम के साथ गौतमबुद्धनगर का प्रशासनिक भ्रमण किया। सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में प्रतिनिधिमंडल ने जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यप्रणाली, विकास मॉडल और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने के साथ हुई।
जिला प्रशासन की भूमिका और संरचना की दी जानकारी
मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी और डिप्टी कलेक्टर डॉ. पूर्वा शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को जिले की प्रशासनिक संरचना, शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली और जिला मजिस्ट्रेट तथा कलेक्टर की भूमिका के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन शासन की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर के प्रमुख दायित्वों में राजस्व प्रशासन का संचालन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन संबंधी कार्यों का संचालन और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि गौतमबुद्धनगर में सदर, दादरी और जेवर तीन तहसील हैं, जबकि बिसरख, दादरी और जेवर तीन विकास खंड संचालित हैं। इसके अलावा जिले में छह नगर निकाय कार्यरत हैं। प्रशासनिक व्यवस्था के विभिन्न स्तरों पर जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल समेत अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात हैं। इनके माध्यम से शासन की योजनाओं और नीतियों को आम लोगों तक पहुंचाया जाता है।
ई-गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों को प्राथमिकता देते हुए तकनीकी नवाचार और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दे रहा है। जनसुनवाई, ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली और विभिन्न डिजिटल माध्यमों के जरिए नागरिकों की समस्याओं का जल्द और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
केंद्र और राज्य की योजनाओं की दी जानकारी
प्रतिनिधिमंडल को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी जानकारी दी गई। इनमें आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, पीएम पोषण योजना, जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन शामिल हैं।
इसके साथ ही राज्य सरकार की शादी अनुदान योजना, अटल आवासीय विद्यालय योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में भी जानकारी साझा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाता है और उन्हें योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद और पात्र लोगों तक पहुंचे।
प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था पर भी हुई चर्चा
संवाद के दौरान गौतमबुद्धनगर की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले की प्रशासनिक संरचना अन्य जनपदों की तुलना में विशिष्ट है। विकास और नियोजित शहरी विस्तार से जुड़े कार्यों के लिए जिले में तीन विकास प्राधिकरण कार्यरत हैं।

वहीं, कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग के लिए गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है। प्रतिनिधिमंडल को जिले की इस विशिष्ट प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
विभिन्न देशों के अधिकारियों ने साझा किए प्रशासनिक अनुभव
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों से आए अधिकारियों और गौतमबुद्धनगर के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच प्रशासनिक अनुभवों और कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान हुआ। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, सुशासन को और प्रभावी बनाने, तकनीकी नवाचारों के इस्तेमाल तथा विभिन्न देशों के बीच प्रशासनिक अनुभव और ज्ञान साझा करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत तैयार उत्पाद उपहार स्वरूप भेंट किए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी भू0अ0 अरुण कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर पूर्वा शर्मा, डिप्टी कलेक्टर अरुण कुमार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनुराग सारस्वत, प्रभारी जिला विकास अधिकारी नेहा सिंह सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी और हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीपी शर्मा मौजूद रहे।