नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन, गोवा में कार्डियक अरेस्ट ने ली जान

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पणजी: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट आया। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें बचाने की काफी कोशिश की गई, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।

सीने में तेज दर्द के बाद बिगड़ी तबीयत

नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला इलाके में स्थित अपने घर पर थे। सुबह उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ। मेडिकल टीम जब मौके पर पहुंची तो वह बेहोश मिले। उन्हें तत्काल कार्डियक मसाज दी गई और निजी अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, नाना पाटेकर को सुबह 5:20 बजे मृत घोषित किया गया। उनके निधन के बाद मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया है और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

तीन बार मिला नेशनल फिल्म अवॉर्ड

नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में लंबे समय तक अपनी अलग पहचान बनाई। 1989 में आई फिल्म ‘परिंदा’ में उन्होंने अन्ना का किरदार निभाया था। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

इसके बाद 1994 में आई फिल्म ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया गया। 1996 की फिल्म ‘अग्निसाक्षी’ में उनके अभिनय को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला और उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इस तरह उनके करियर में कुल तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार रहे।

भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

‘वेलकम’ के उदय शेट्टी ने कॉमेडी में भी छोड़ी छाप

नाना पाटेकर ने गंभीर और दमदार भूमिकाओं के साथ कॉमेडी में भी अपनी खास पहचान बनाई। वर्ष 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘वेलकम’ में उन्होंने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया था। यह भूमिका दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुई।

इसके बाद वह फिल्म ‘वेलकम बैक’ में भी उदय शेट्टी के उसी किरदार में नजर आए। इस भूमिका ने उनके अभिनय के अलग अंदाज को दर्शकों तक पहुंचाया।

सेना से रहा गहरा जुड़ाव

नाना पाटेकर का सेना से जुड़ाव केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ की तैयारी के दौरान उन्होंने मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ सैन्य प्रशिक्षण लिया था। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ रहकर सैन्य जीवन को करीब से समझा।

वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी वह जवानों के बीच रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने दो सप्ताह से अधिक समय सैनिकों के बीच बिताया और अलग-अलग पोस्ट पर जाकर उनका हौसला बढ़ाया। बाद में उन्होंने बताया था कि उस दौरान वह क्विक रिएक्शन टीम का हिस्सा भी रहे थे।

एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने कहा था कि देश के लिए हर व्यक्ति को अपनी ओर से कुछ न कुछ करना चाहिए। सेना के जवानों के प्रति उनका सम्मान कई मौकों पर सामने आया। वर्ष 2016 में उन्होंने कहा था कि उनके लिए देश सबसे पहले है और जवान ही देश के असली हीरो हैं।

 

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