जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बंद करने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती, आज होगी सुनवाई; नए ठिकानों पर भी उठे सवाल
Delhi High Court Jantar Mantar: दिल्ली में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति खत्म करने के बाद कोई स्पष्ट वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर असर पड़ सकता है। हाई कोर्ट इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई करेगा।
जंतर-मंतर बंद करने के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा मामला
नई दिल्ली: जंतर-मंतर को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के लिए प्रतिबंधित किए जाने के फैसले के खिलाफ एक अधिवक्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। याचिकाकर्ता ने अदालत से इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की थी, जिसके बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे की पीठ ने इसे मंगलवार के लिए सूचीबद्ध किया।
याचिका में दलील दी गई है कि जंतर-मंतर लंबे समय से शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अपनी मांगों को रखने का प्रमुख स्थान रहा है। ऐसे में इसे प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने और किसी स्पष्ट वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था नहीं करने से नागरिकों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर प्रभाव पड़ सकता है।
अभिव्यक्ति की आजादी का दिया गया हवाला
याचिकाकर्ता ने कहा है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। यदि प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध नहीं होंगे तो लोगों के लिए कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखना मुश्किल हो सकता है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर से जुड़े मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। अदालत ने केंद्र सरकार से संबंधित मामले में हलफनामा दाखिल करने के निर्देश का भी उल्लेख किया।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन में कथित मारपीट की जांच की मांग
जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन को लेकर भी एक अलग जनहित याचिका दाखिल की गई है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष विनोद जाखड़ की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ बाहरी लोगों ने पहुंचकर मारपीट की।
याचिका में पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कई इलाकों के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
याचिका में संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई है कि 10 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखे जाएं। इसमें जंतर-मंतर रोड, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्कल समेत आसपास के इलाकों की रिकॉर्डिंग शामिल है।
इसके अलावा राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक और बाराखंबा रोड मेट्रो स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जांच के दौरान ये रिकॉर्डिंग अहम सबूत साबित हो सकती हैं।
दिल्ली पुलिस ने तय किए तीन नए प्रदर्शन स्थल
इस बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का फैसला लिया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की ओर से जारी आदेश के तहत अब विरोध प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को नए स्थान के तौर पर तय किया गया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति खत्म होने के बाद वैकल्पिक स्थलों की व्यवस्था और नागरिकों के अधिकारों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब इस मामले में हाई कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें रहेंगी।