विजयादशमी आज: अयोध्या में होगा रावण वध, ‘जय श्रीराम’ के जयकारों के बीच धर्म की जीत का संदेश

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अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर शहर से लेकर गांवों तक आयोजित रामलीलाओं में दशानन रावण के वध का मंचन किया जाएगा। भगवान श्रीराम के बाण से रावण का अंत होते ही अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया जाएगा। इस खास प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। रामलीलाओं में श्रीराम और रावण के बीच होने वाला युद्ध मुख्य आकर्षण रहेगा।

ख्वाजाहाल रुदौली में रामलीला के मंचन ने बांधा समां

श्रीरामलीला समिति ख्वाजाहाल रुदौली की ओर से आयोजित 137वें श्रीरामलीला महोत्सव के आठवें दिन रामायण के चर्चित रावण-अंगद संवाद का भव्य मंचन किया गया। इस दौरान पूर्व सांसद लल्लू सिंह भी रामलीला देखने पहुंचे।

रावण की भूमिका अनुराग अग्रवाल और अंगद की भूमिका श्याम यज्ञसैनी ने निभाई। दोनों कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय और सशक्त संवाद अदायगी से दर्शकों को प्रभावित किया। मंच पर अंगद और रावण के बीच हुए संवाद ने रामायण के इस महत्वपूर्ण प्रसंग को जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम में सेतु निर्माण और विभीषण की शरणागति के प्रसंगों का भी सजीव मंचन किया गया। इन दृश्यों के जरिए भगवान श्रीराम की मर्यादा, करुणा, धर्म के प्रति निष्ठा और शरण में आए व्यक्ति के प्रति उदारता का संदेश दिया गया।

रामलीला में भगवान श्रीराम की भूमिका अक्षत मिश्रा, लक्ष्मण की भूमिका अक्षांश मिश्रा और सीता की भूमिका श्रेयांस मिश्रा ने निभाई। वहीं, हनुमान के किरदार में मनीष चौरसिया और मेघनाथ की भूमिका में पुनीत कसौधन ने अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींचा।

अंगद ने रावण को समझाया, लेकिन अहंकार में नहीं माना लंकापति

रावण-अंगद संवाद रामायण के उन प्रसंगों में शामिल है, जिसमें युद्ध से पहले शांति का संदेश दिया जाता है। भगवान श्रीराम के दूत बनकर रावण की सभा में पहुंचे अंगद ने उसे माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटाने और युद्ध टालने की सलाह दी। हालांकि, अहंकार में डूबे रावण ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया। रामलीला में इस प्रसंग का प्रभावशाली मंचन किया गया।

नंसा बाजार में सीता हरण और हनुमान से मुलाकात का मंचन

तारुन क्षेत्र के नंसा बाजार में श्रीरामलीला समिति की ओर से रामायण के प्रमुख प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सीता हरण के दृश्य से हुई। इसके बाद सीता की खोज में निकले भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की हनुमान से मुलाकात का प्रसंग दिखाया गया।

मंचन के दौरान हनुमान ब्राह्मण का वेश धारण कर श्रीराम को पहचान लेते हैं और उनके चरणों में गिर पड़ते हैं। भगवान श्रीराम उन्हें गले लगाकर भरत के समान अपना भाई बताते हैं। कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को देर रात तक कार्यक्रम से जोड़े रखा।

गोसाईंगंज में लंका दहन ने बढ़ाया रामलीला का रोमांच

गोसाईंगंज में आयोजित रामलीला के चौथे दिन लंका दहन का मंचन किया गया। इस दौरान अंगद और रावण के बीच संवाद ने दर्शकों को रोमांचित किया। राम सेना के शांति दूत के रूप में रावण के दरबार पहुंचे अंगद ने उसे माता जानकी को वापस लौटाने के लिए समझाने की कोशिश की, लेकिन रावण इसके लिए तैयार नहीं हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रामसागर वर्मा ने भगवान श्रीराम की आरती उतारकर किया। इस मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय पराग, मदनलाल जायसवाल, कोषाध्यक्ष गोपीनाथ अंगियार, दिनेश जायसवाल, अनिल गुप्ता, राजकुमार अर्पण और श्यामलाल गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

हैदरगंज में शबरी उद्धार और लंका दहन का भव्य मंचन

हैदरगंज में श्रीरामलीला समिति की ओर से आयोजित 68वें वार्षिक रामलीला महोत्सव के पांचवें दिन भव्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इसमें शबरी उद्धार और लंका दहन के प्रसंगों का मंचन हुआ। इन दृश्यों के माध्यम से भगवान श्रीराम के प्रति भक्ति और हनुमान की अद्भुत शक्ति को दर्शाया गया।

शबरी की भूमिका जयप्रकाश अग्रहरि गुड्डू ने भावपूर्ण ढंग से निभाई, जबकि रावण के किरदार में सचिन अग्रहरि के अभिनय ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। कार्यक्रम में रामलीला समिति के अध्यक्ष सियाराम सर्राफ, उदित सर्राफ, पवन कसौधन, अंकित श्रीवास्तव, प्रिंस कसौधन और संतोष अग्रहरि सहित कई लोग उपस्थित रहे।

 

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