ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कब होगी कार्रवाई? ओम बिरला ने बताया पूरा प्रोसेस, हटाने की मांग पर क्या बोले लोकसभा स्पीकर

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नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया है कि यदि उनके खिलाफ नया प्रस्ताव लाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष के कई नेता इस मुद्दे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात कर चुके हैं।

प्रस्ताव आने पर अपनाई जाएगी निर्धारित प्रक्रिया

ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि संसद में प्रस्ताव आने के बाद ही उस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया है, जिसका पालन करना जरूरी है।

स्पीकर के मुताबिक, जिस तरह उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के मामले में प्रक्रिया अपनाई जाती है, उसी तरह निर्वाचन आयोग से जुड़े इस मामले में भी नियमों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपने विचार रखने का अधिकार है।

पहले भी दो बार प्रस्ताव ला चुका है विपक्ष

ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए विपक्ष पहले भी दो बार प्रयास कर चुका है। इस संबंध में लोकसभा और राज्यसभा में नोटिस दिए गए थे। खबर के मुताबिक, दोनों सदनों में पहले दिए गए नोटिस खारिज किए जा चुके हैं, जबकि दूसरे प्रयास से जुड़े नोटिस पर आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

नियमों के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त को संसद की निर्धारित प्रक्रिया के जरिए पद से हटाया जा सकता है। वहीं, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस्तीफा भी दे सकते हैं।

ज्ञानेश कुमार को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद उस समय और बढ़ा, जब चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाने वाली एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दोनों निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कुछ मौकों पर फैसलों को लेकर असहमति जताई थी, लेकिन उनकी आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया गया।

हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों पर सफाई देते हुए कहा था कि सभी फैसले अधिकारियों की सहमति से लिए गए थे। इस तरह चुनाव आयोग के कामकाज और निर्णय प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई।

विपक्ष के प्रदर्शन तेज, एक नवंबर को आंदोलन का ऐलान

SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्ष ने एक नवंबर को प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इस मुद्दे पर विभिन्न संगठनों ने भी विरोध जताया है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी विपक्ष के प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर सवाल उठा रही है। ऐसे में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव और उस पर संसद की संभावित कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।

 

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