लगातार पांचवें महीने मिल सकती है राहत
बिजली बिल में राहत का सिलसिला जुलाई से जारी है। जून में उपभोक्ताओं से 10 प्रतिशत अतिरिक्त ईंधन अधिभार शुल्क वसूला गया था। इसके बाद जुलाई में बिजली बिल में 4.43 प्रतिशत, अगस्त में 2.92 प्रतिशत, सितंबर में 7.93 प्रतिशत और अक्टूबर में 5.24 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। अब नवंबर में बिल में नौ प्रतिशत से अधिक की कटौती होने की संभावना जताई जा रही है।
ईंधन अधिभार शुल्क घटने से मिलेगा लाभ
बिजली बिल में संभावित कमी एफपीपीसीए यानी ईंधन एवं बिजली खरीद लागत समायोजन के तहत अगस्त महीने के ईंधन अधिभार शुल्क में आई गिरावट से जुड़ी है। इसके आधार पर अक्टूबर के बिजली बिलों में नवंबर के दौरान राहत मिलने की उम्मीद है। पावर कारपोरेशन प्रबंधन इस संबंध में जल्द आदेश जारी करने की तैयारी कर रहा है।
नियामक आयोग के रुख के बाद बदली स्थिति
जून में 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार शुल्क वसूले जाने के बाद विद्युत नियामक आयोग ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया था। इसके बाद लगातार बिजली बिलों में राहत मिलने का सिलसिला जारी है। ईंधन अधिभार शुल्क की गणना में पारदर्शिता और बिजली खरीद की वास्तविक लागत में कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का मुद्दा उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने भी उठाया था।
आधिकारिक आदेश के बाद स्पष्ट होगी राहत
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार, जुलाई से उपभोक्ताओं को मिल रही राहत नवंबर में भी जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने बिजली बिल में करीब नौ प्रतिशत तक या उससे अधिक की कमी का अनुमान जताया है। हालांकि, उपभोक्ताओं को वास्तव में कितनी राहत मिलेगी, इसकी पुष्टि पावर कारपोरेशन प्रबंधन के आधिकारिक आदेश के बाद ही होगी।