गौतमबुद्धनगर में खाद की किल्लत नहीं, 5,969 मीट्रिक टन यूरिया और 2,726 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध

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गौतमबुद्धनगर: जिले में रबी फसलों की बुवाई के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। जिला कृषि अधिकारी विवेक दुबे ने किसानों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और फसलों की जरूरत व कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही खाद खरीदें। वहीं, उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित दरों पर बिक्री करने और किसानों को खरीद का बिल देने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक

जिला कृषि अधिकारी के अनुसार, गौतमबुद्धनगर में वर्तमान में 5,969 मीट्रिक टन यूरिया, 2,726 मीट्रिक टन डीएपी, 232 मीट्रिक टन एनपीके और 280 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। इसके अलावा अन्य उर्वरक भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार निजी और सहकारी उर्वरक विक्रेताओं से खाद खरीद सकते हैं। किसानों को फसलों की जरूरत के मुताबिक उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

निर्धारित दर पर ही बेचनी होगी खाद

जिला कृषि अधिकारी ने जिले के सभी थोक और खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य पर ही खाद बेचने के निर्देश दिए हैं। विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत नहीं वसूल सकेंगे। उर्वरकों की बिक्री विभागीय व्यवस्था के अनुसार पीओएस मशीन के माध्यम से आवश्यक प्रमाणीकरण के बाद ही करनी होगी। साथ ही, प्रत्येक किसान को खरीद के बदले बिक्री बिल या कैश मेमो देना अनिवार्य होगा।

खाद के साथ अन्य सामान खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे विक्रेता

निर्देशों के मुताबिक, किसी भी किसान को यूरिया, डीएपी या अन्य उर्वरक खरीदने के साथ कीटनाशक, जैव उर्वरक अथवा कोई अन्य कृषि उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। किसानों पर जरूरत से अधिक मात्रा में खाद खरीदने का दबाव भी नहीं बनाया जा सकेगा। विक्रेताओं को दुकानों पर खाद के स्टॉक और निर्धारित बिक्री दरों की सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। इसके अलावा स्टॉक और बिक्री रजिस्टर को भी नियमित रूप से अद्यतन रखना होगा।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर होगी कार्रवाई

जिला कृषि अधिकारी ने उर्वरकों के अवैध भंडारण, जमाखोरी, कालाबाजारी और निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। विक्रेताओं को खाद की गुणवत्ता बनाए रखने और खरीद-बिक्री से संबंधित अभिलेख नियमानुसार रखने होंगे। इन निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अनियमितता होने पर कृषि विभाग को दें सूचना

जिला कृषि अधिकारी विवेक दुबे ने किसानों से कहा है कि वे जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए घबराकर खरीदारी न करें और अपनी वास्तविक जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदें। यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलता है, खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करता है या बिक्री में अनियमितता करता है, तो किसान इसकी सूचना कृषि विभाग के संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

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