अपर श्रमायुक्त ने बताया कि वेतन और बोनस को लेकर कई तरह की असत्य और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। इससे श्रमिकों और सेवायोजकों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति बन रही है, जिसका असर औद्योगिक शांति और लोक व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
बोनस पाने के लिए ये शर्तें जरूरी
श्रम विभाग के अनुसार, किसी कर्मचारी को बोनस की पात्रता के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- कर्मचारी ने पिछले वित्तीय वर्ष में कम से कम 30 दिन काम किया हो।
- कर्मचारी का मासिक वेतन 21,000 रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।
- संबंधित प्रतिष्ठान में 20 या उससे अधिक कर्मचारी नियोजित होने चाहिए।
- प्रतिष्ठान पांच वर्ष से अधिक पुराना होना चाहिए।
- बोनस की दर न्यूनतम 8.33 प्रतिशत से अधिकतम 20 प्रतिशत तक होगी। इसका निर्धारण उपलब्ध एलोकेबल सरप्लस के आधार पर किया जाएगा।
- बोनस का भुगतान 30 नवंबर तक सुनिश्चित करना होगा।
सेवायोजकों से समय पर बोनस देने की अपील
अपर श्रमायुक्त ने सभी सेवायोजकों से अपील की है कि वे पात्र कर्मचारियों को देय बोनस का भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर करना सुनिश्चित करें। वहीं, श्रमिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2026 के बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को उपरोक्त प्रावधानों के अनुसार बोनस अगले वर्ष देय होगा।
शिकायत के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
श्रम विभाग ने श्रमिकों से किसी भी अफवाह या अपुष्ट संदेश को आगे साझा नहीं करने की अपील की है। यदि किसी कर्मचारी को बोनस की पात्रता, गणना या भुगतान को लेकर कोई शिकायत अथवा समस्या है, तो वह गौतमबुद्धनगर स्थित संबंधित क्षेत्र के श्रम कार्यालय से संपर्क कर सकता है।
समस्याओं के समाधान के लिए श्रम विभाग की ओर से हेल्पलाइन नंबर 8796355216 भी जारी किया गया है।