ट्रंप की मध्यावधि चुनाव में हार से भारत को होगा फायदा? बदल सकता है अमेरिका का रुख, पूर्व राजनयिक ने बताई बड़ी वजह
नई दिल्ली: अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। इन चुनावों का असर सिर्फ अमेरिकी संसद के नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति की दिशा भी इससे प्रभावित हो सकती है। भारत के पूर्व राजनयिक और भू-राजनीतिक विशेषज्ञ केपी फाबियान का मानना है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में झटका लगता है तो ट्रंप को भारत समेत कई देशों के प्रति अपनी नीतियों पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। उनके मुताबिक, भारत जैसी उभरती वैश्विक शक्ति के साथ टकराव की नीति अमेरिका के हित में नहीं है।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान होना है। इन चुनावों से तय होगा कि कांग्रेस के दोनों सदनों में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। चुनावी नतीजे ट्रंप के राजनीतिक प्रभाव और उनके प्रशासन की नीतियों के लिए भी अहम साबित हो सकते हैं।
भारत पर भारी टैरिफ लगाना ट्रंप की बड़ी गलती: केपी फाबियान
पूर्व राजनयिक केपी फाबियान ने भारत के प्रति ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भारत पर भारी-भरकम आयात शुल्क लगाकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने रणनीतिक गलती की है।
फाबियान के मुताबिक, भारत तेजी से उभरती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था है। उसकी हजारों साल पुरानी सभ्यता और वैश्विक स्तर पर मजबूत होती भूमिका उसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। भारत ग्लोबल साउथ के प्रमुख देशों में शामिल है और उत्तर के देशों के साथ भी उसके अच्छे संबंध हैं।
उन्होंने रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिका के दोहरे रवैये की ओर भी ध्यान दिलाया। उनका कहना है कि रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर टैरिफ लगाया गया, जबकि चीन भारत से भी अधिक मात्रा में रूस का तेल खरीदता है। इसके बावजूद अमेरिका चीन के खिलाफ वैसी कार्रवाई नहीं कर पाया। फाबियान के अनुसार, इस तरह की नीति से ट्रंप की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।