PDA सम्मेलन में खाली रहीं कुर्सियां, अखिलेश यादव के निर्देश पर कन्नौज में जिलाध्यक्ष समेत पूरी कमेटी भंग
कन्नौज: समाजवादी पार्टी के कन्नौज में आयोजित पीडीए सम्मेलन में अपेक्षा के मुताबिक कार्यकर्ताओं की भीड़ नहीं जुटने के बाद पार्टी संगठन पर कार्रवाई की गई है। प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जिलाध्यक्ष कलीम खान समेत पूरी जिला कार्यकारिणी और फ्रंटल संगठनों की इकाइयों को भंग कर दिया। सम्मेलन में खाली पड़ी कुर्सियों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री असीम अरुण और भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने इस मुद्दे पर अखिलेश यादव को निशाने पर लिया।
सम्मेलन में कम भीड़ के बाद संगठन पर कार्रवाई
शनिवार को कन्नौज स्थित सपा कार्यालय में पीडीए सम्मेलन आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल भी मौजूद थे, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप कार्यकर्ता नहीं पहुंचे। सम्मेलन स्थल पर खाली कुर्सियों के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जिसके बाद पार्टी संगठन की सक्रियता पर सवाल उठने लगे।
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष ने सम्मेलन में भीड़ नहीं जुटने के लिए जिला संगठन और विभिन्न फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों को जिम्मेदार माना। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी। अखिलेश के निर्देश मिलने के बाद संगठन के खिलाफ कार्रवाई की गई।
रविवार को पार्टी की ओर से जारी पत्र में जिलाध्यक्ष कलीम खान को पद से हटाने के साथ जिला कार्यकारिणी और फ्रंटल संगठनों की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का निर्देश दिया गया। हालांकि, कलीम खान ने कहा कि उन्हें अब तक आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। उनके मुताबिक, उन्हें सोशल मीडिया और पार्टी नेताओं के माध्यम से कार्रवाई की जानकारी मिली। समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव हसीब हसन ने भी कार्रवाई की पुष्टि की।
जिला कार्यकारिणी के साथ फ्रंटल संगठनों पर भी गिरी गाज
प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से जारी पत्र में कन्नौज के जिलाध्यक्ष के साथ जिला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने की बात कही गई है। इसके अलावा जिले में फ्रंटल संगठनों की इकाइयों को भी भंग करने का निर्देश दिया गया है।
पत्र में कन्नौज जिले से जुड़े राज्य कार्यकारिणी और फ्रंटल संगठनों के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के संबंधित पदाधिकारियों को हटाने का भी उल्लेख है। इस कार्रवाई को सम्मेलन में कम भीड़ जुटने के बाद संगठन की जवाबदेही तय करने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
असीम अरुण ने कहा- खाली कुर्सियां जनता के समर्थन में कमी का संकेत
सम्मेलन में खाली कुर्सियों को लेकर राज्यमंत्री असीम अरुण ने अखिलेश यादव और सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी कुर्सियां तो लगा सकती है, लेकिन उन्हें भरने के लिए लोगों में उत्साह और संकल्प होना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए ठोस योजना जरूरी है।
असीम अरुण ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के पास अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के अलावा कोई दूसरी योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता सपा का पिछला कार्यकाल देख चुकी है और कन्नौज के सम्मेलन में खाली कुर्सियां जनसमर्थन की कमी का संकेत देती हैं। ये बयान भाजपा नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं।
सुब्रत पाठक ने अखिलेश को दी चुनाव लड़ने की चुनौती
भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने भी सम्मेलन में कम भीड़ को लेकर अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सपा अपने पार्टी कार्यालय में 100 कुर्सियां तक नहीं भर पा रही है, ऐसे में चुनाव की तैयारी पर सवाल उठते हैं।
सुब्रत पाठक ने अखिलेश यादव को कन्नौज लोकसभा क्षेत्र की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। सम्मेलन में कम उपस्थिति के मुद्दे पर भाजपा नेताओं के इन बयानों से कन्नौज की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।