एयर इंडिया में अनुभवी पायलटों के इस्तीफे से बढ़ी चिंता, ALPA ने नोएल टाटा को लिखी चिट्ठी; वेतन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक उठाए सवाल
नई दिल्ली: एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस में काम कर रहे अनुभवी पायलटों के इस्तीफे को लेकर पायलट संगठन एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA India) ने चिंता जताई है। संगठन ने टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा को पत्र भेजकर इस मामले में जरूरी कदम उठाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अनुभवी पायलटों के पास उड़ान संचालन से जुड़ा महत्वपूर्ण अनुभव और संस्थागत जानकारी होती है, ऐसे में उनका लगातार जाना चिंता का विषय है।
अनुभवी पायलटों के जाने से संचालन पर असर की चिंता
ALPA इंडिया के मुताबिक, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस से अनुभवी पायलटों का जाना केवल कर्मचारियों की संख्या में कमी का मामला नहीं है। इन पायलटों के पास विमान संचालन से जुड़ा वर्षों का अनुभव और संस्थागत ज्ञान होता है, जो एयरलाइन के संचालन के लिए महत्वपूर्ण है।
नोएल टाटा को 31 अगस्त को भेजी गई चिट्ठी
एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने 31 अगस्त को नोएल टाटा को पत्र भेजा। इसमें एयर इंडिया समूह में पायलटों के नौकरी छोड़ने की स्थिति की स्वतंत्र समीक्षा कराने का सुझाव दिया गया है। संगठन ने वेतन और सुविधाओं, ड्यूटी रोस्टर व्यवस्था, थकान से जुड़े आंकड़ों और छुट्टियों सहित कई पहलुओं की समीक्षा की मांग की है।
वेतन, सुविधाओं और कामकाजी परिस्थितियों पर सवाल
संगठन का कहना है कि अपेक्षा के मुताबिक वेतन में बढ़ोतरी नहीं होने, सुविधाओं में कमी आने, कामकाजी परिस्थितियों में बदलाव और जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होने की वजह से अनुभवी कमांडर और वरिष्ठ पायलट एयर इंडिया छोड़ रहे हैं। एयर इंडिया समूह की विमानन कंपनियों में 5,000 से ज्यादा पायलट काम कर रहे हैं।
एयरबस और बोइंग के बीच पायलटों के स्थानांतरण पर भी चिंता
ALPA इंडिया ने पायलटों को एयरबस और बोइंग विमानों के बीच स्थानांतरित किए जाने की गति को लेकर भी चिंता जताई है। संगठन के अनुसार, इस तरह के बदलाव के लिए पायलटों को पर्याप्त प्रशिक्षण और जरूरी अनुभव हासिल करने का समय मिलना चाहिए। संगठन ने संकेत दिया है कि बदलाव की प्रक्रिया में प्रशिक्षण और अनुभव के लिए पर्याप्त समय बेहद महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था की गहन समीक्षा की मांग
ALPA इंडिया ने इस साल हुई तीन घटनाओं का भी उल्लेख किया है। संगठन के मुताबिक, इन घटनाओं से एयर इंडिया समूह की सुरक्षा प्रबंधन व्यवस्था, प्रशिक्षण प्रणाली और कर्मचारियों से जुड़ी नीतियों की गहन समीक्षा की जरूरत सामने आती है।
हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि औपचारिक जांच के नतीजे आने से पहले वह इन घटनाओं के लिए किसी पायलट को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहा है। ALPA इंडिया का कहना है कि सुरक्षा प्रबंधन व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो किसी घटना के बाद केवल प्रतिक्रिया देने तक सीमित न रहे, बल्कि संभावित जोखिमों की पहले पहचान कर उन्हें रोकने में सक्षम हो।