तेहरान: ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में ईरान तेल नहीं बेचेगा, वहां कोई दूसरा देश भी तेल नहीं बेच पाएगा। गालिबाफ ने यह भी कहा कि अगर ईरान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती है तो क्षेत्र का कोई भी बुनियादी ढांचा सुरक्षित नहीं रहेगा।
गालिबाफ का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उन हालिया टिप्पणियों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य और वहां से जहाजों के आवागमन को लेकर बात की थी।
होर्मुज को लेकर अमेरिका को सीधी चेतावनी
एक सार्वजनिक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान गालिबाफ ने ट्रंप के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका और दूसरे देशों को पता होना चाहिए कि जिस इलाके में ईरान तेल नहीं बेचेगा, वहां कोई और भी तेल नहीं बेच पाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि ईरान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती है तो क्षेत्र में कोई भी बुनियादी ढांचा सुरक्षित नहीं रहेगा। गालिबाफ ने ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य और वहां जहाजों की आवाजाही से जुड़े बयानों को पुराने दावों की पुनरावृत्ति बताया।
अमेरिका की नीतियों पर भी साधा निशाना
गालिबाफ ने ईरान की युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए अमेरिका की मौजूदा नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नौसैनिक नाकाबंदी, हवाई रास्ते बंद करने और व्यापारिक मार्गों पर दबाव डालने की कोशिशों का ईरान सामना कर सकता है।
उन्होंने 1980 के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी ईरान ने गंभीर परिस्थितियों का सामना किया था और आर्थिक प्रबंधन तथा सैन्य जवाब के जरिए मुश्किलों से निपटा था। गालिबाफ ने कहा कि ईरान आज भी किसी दबाव का जवाब देने में सक्षम है।
गालिबाफ बोले- धमकियों से पीछे नहीं हटेगा ईरान
ईरानी संसद के अध्यक्ष ने कहा कि लंबे इतिहास और मजबूत जड़ों वाला ईरान घेराबंदी या धमकियों से डरने वाला देश नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी नेतृत्व इसे नहीं समझता है तो उसे ईरानी लोगों की ओर से लगातार कड़े जवाब का सामना करना पड़ेगा।
गालिबाफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप के बयानों और ईरान को लेकर उनके रुख का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति के हालिया रुख से ऐसा लगता है कि ईरान को लेकर उनकी नीति में अभी कोई बदलाव नहीं आया है।
‘किसी भी हमले का देंगे कड़ा जवाब’
गालिबाफ ने कहा कि ईरान किसी भी हमले या उकसावे का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह समझना चाहिए कि धमकी, बयानबाजी या हवाई और व्यापारिक नाकाबंदी के जरिए ईरान को पीछे हटने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी हमले या दुस्साहस का ईरान की ओर से कड़ा, सटीक और तेज जवाब दिया जाएगा।
विदेश मंत्री अब्बास अरागची तेहरान लौटे
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची न्यूयॉर्क में अपने कार्यक्रम और कूटनीतिक बातचीत पूरी करने के बाद तेहरान के लिए रवाना हो गए। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने न्यूयॉर्क में कई कूटनीतिक बैठकों और बातचीत में हिस्सा लिया।
वहीं, अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, संभावित अंतिम समझौते के तहत ट्रंप प्रशासन ईरान को प्रतिबंधों में राहत देने और उसके कुछ जमा धन को जारी करने पर विचार कर सकता है।