नेपाल संकट पर दुनिया एकजुट, मदद के लिए आगे आए कई देश; भारत ने भेजी राहत सामग्री, UN ने जारी किए 20 लाख डॉलर
संयुक्त राष्ट्र: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और जल आपदा के बाद संकट की घड़ी में कई देश मदद के लिए आगे आए हैं। भारत ने राहत सामग्री भेजकर सहायता अभियान शुरू कर दिया है, जबकि श्रीलंका और ब्रिटेन ने भी आर्थिक मदद का एलान किया है। संयुक्त राष्ट्र ने नेपाल और चीन में बाढ़ से हुई भारी तबाही पर दुख जताते हुए राहत कार्यों के लिए शुरुआती तौर पर 20 लाख अमेरिकी डॉलर जारी किए हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई, कई लोग लापता हुए और व्यापक स्तर पर तबाही हुई है।
श्रीलंका और ब्रिटेन ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
श्रीलंका ने नेपाल के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह सहायता बाढ़ के बाद नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता और समर्थन का प्रतीक है।
वहीं ब्रिटेन ने नेपाल को 50 लाख पाउंड की सहायता देने की पेशकश की है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने क्षेत्र की स्थिति को विनाशकारी बताया। उन्होंने संकट में फंसे ब्रिटिश नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
भारत ने नेपाल भेजी 37.5 टन राहत सामग्री
नेपाल में जल आपदा से हुई भारी तबाही के बाद भारत लगातार राहत अभियान में सहयोग कर रहा है। गुरुवार को भारत की ओर से 37.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी गई। राहत सामग्री को वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान के जरिए भेजा गया।
हिंडन वायुसेना स्टेशन से गुरुवार सुबह करीब नौ बजे राहत सामग्री लेकर विमान नेपाल के लिए रवाना हुआ। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार करीबी संपर्क में है और राहत कार्यों में पूरा सहयोग जारी रखेगा।
बुधवार रात भी नेपाल भेजी गई थी राहत सामग्री
भारत ने गुरुवार से पहले बुधवार रात को भी नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजी थी। सी-17 ग्लोबमास्टर विमान के जरिए करीब 10 टन सामग्री नेपाल पहुंचाई गई थी। इसमें आपदा राहत सामग्री के साथ दवाइयां और खाद्य पैकेट शामिल थे।
नेपाल में बुधवार को अचानक आई जल आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इसके बाद राहत और बचाव कार्यों के बीच भारत समेत कई देश नेपाल की सहायता के लिए आगे आए हैं।