मुस्कान को फांसी देने से पहले बच्चियों के बारे में सोचें, अनामिका अंबर ने जेल में मुलाकात के बाद की अपील
मेरठ: चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मौत की सजा पाने वाली मुस्कान से कवयित्री अनामिका जैन अंबर ने जेल में मुलाकात की। गुरुवार को हुई इस मुलाकात के बाद उन्होंने मुस्कान की सजा टालने की अपील की। उनका कहना है कि मुस्कान ने गंभीर अपराध किया है, लेकिन उसकी दोनों बच्चियों का इसमें कोई दोष नहीं है। उन्होंने आग्रह किया कि बच्चियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुस्कान की फांसी पर पुनर्विचार किया जाए।
जेल प्रशासन की अनुमति से जैन मुनि आचार्य सौरभ सागर महाराज के जन्मदिन पर सौरभ जैन सुमन और डॉ. अनामिका जैन अंबर कैदियों को फल वितरित करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने मुस्कान से भी मुलाकात की। जेल से बाहर आने के बाद अनामिका ने मीडिया से बातचीत में मुस्कान की स्थिति और उसकी बच्चियों के भविष्य को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।
‘अपराध की सजा मिले, लेकिन बच्चियों का क्या दोष’
अनामिका जैन अंबर ने कहा कि मुस्कान ने बहुत गलत किया है और उसका अपराध वापस नहीं हो सकता। इसके बावजूद उसकी दोनों बच्चियों के भविष्य पर विचार किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, मुलाकात के दौरान मुस्कान की आंखों में पश्चाताप, मौत का डर और बच्चों से बिछड़ने की चिंता दिखाई दी।
उन्होंने कहा कि उनकी अपील मुस्कान के अपराध को सही ठहराने के लिए नहीं है। वह चाहती हैं कि बच्चियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे उनकी मां को जीवित रहने का अवसर मिले। उन्होंने आजीवन कारावास जैसी सजा पर विचार करने और बच्चियों के बड़े होने तक फांसी की सजा टालने की अपील की।
मुस्कान से सहानुभूति नहीं, बच्चियों की चिंता
कवयित्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सहानुभूति मुस्कान के अपराध को लेकर नहीं है, बल्कि चिंता उसकी दोनों बच्चियों के भविष्य की है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी मां के किए अपराध की सजा नहीं मिलनी चाहिए।
अनामिका ने यह भी कहा कि वह दोनों बच्चियों के खर्च में मदद करने के लिए तैयार हैं। उनका मानना है कि बच्चियों की परवरिश, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करना जरूरी है, ताकि वे बड़ी होकर आत्मनिर्भर बन सकें।
बच्चियों की शिक्षा और विवाह का खर्च उठाने की पेशकश
मुलाकात के दौरान साथ पहुंचे सौरभ जैन सुमन ने भी बच्चियों की जिम्मेदारी लेने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि वह मुस्कान की बेटी की संपूर्ण शिक्षा-दीक्षा और विवाह तक का खर्च उठाने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने अदालत से अपील करने की बात भी कही कि जेल में जन्मी बच्ची के बालिग होने और अपने पैरों पर खड़े होने तक उसकी मां की फांसी की सजा स्थगित रखने पर विचार किया जाए। उनका कहना है कि बच्ची का भविष्य सुरक्षित करना इस समय सबसे महत्वपूर्ण है।
क्या है नीला ड्रम हत्याकांड?
मेरठ में सामने आए इस चर्चित मामले में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल पर मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या का आरोप साबित हुआ। अभियोजन के अनुसार, हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में रखा गया और ऊपर से सीमेंट का घोल भर दिया गया था। बाद में दोनों हिमाचल प्रदेश चले गए थे। उनके लौटने के बाद मामले का खुलासा हुआ।
अदालत ने मामले को जघन्य अपराध मानते हुए मुस्कान और साहिल को मौत की सजा सुनाई। इस घटना के बाद मुस्कान के परिवार से उसके संबंधों को लेकर भी चर्चा हुई। अब जेल में उससे मुलाकात के बाद अनामिका जैन अंबर और सौरभ जैन सुमन ने बच्चियों के भविष्य को आधार बनाकर उसकी सजा स्थगित करने की मांग उठाई है।