लखनऊ में बाढ़ से हाहाकार! कॉलोनियों से पलायन, प्लासियो मॉल तक पहुंचा गोमती का पानी; 11 ट्रांसफार्मरों की बिजली बंद

0 30

लखनऊ: राजधानी में गोमती नदी का बढ़ता जलस्तर अब उन इलाकों तक पहुंच गया है, जिन्हें अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था। बाढ़ के पानी से लाखों लोग अपने घरों में फंस गए हैं, जबकि कई कॉलोनियों से परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। प्लासियो मॉल और एमार गोमती ग्रीन्स सोसाइटी के आसपास भी पानी पहुंच गया है। फैजुल्लागंज और इटौंजा में हालात सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। फैजुल्लागंज और बीकेटी में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।

जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने घुटनों तक भरे पानी में उतरकर और नावों के जरिए बरावन कला, सैथा और जेहटा समेत प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 10 अतिरिक्त नावों की व्यवस्था करने, रात में पुलिस गश्त बढ़ाने और दाऊद नगर में अतिरिक्त कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए हैं। दुबग्गा के लालजी टंडन वार्ड के सैथा, जेहटा और हियात नगर के करीब आधा दर्जन गांव भी जलभराव की चपेट में हैं।

नाव नहीं मिली तो पुलिस से हुई नोकझोंक

फैजुल्लागंज के पवन विहार में आशीष सिंह, सोनू पांडेय और निखिल सिंह ने आरोप लगाया कि एक महिला के साथ करीब एक घंटे तक नाव का इंतजार किया गया, लेकिन नाव नहीं पहुंची। शिकायत के बाद मौके पर पहुंची पुलिस से लोगों की नोकझोंक हो गई।

लोहरामऊ, श्याम सुंदर कॉलोनी, गोमती पुरम, गणेश विहार, मामा कॉलोनी, दाऊद नगर, दुर्गा कॉलोनी, पवन विहार और कृष्णा विहार में भी लोग घरों में फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राहत सामग्री राहत केंद्रों तक ही सीमित है। कई परिवारों के सामने भोजन और पेयजल की समस्या है। रात में निजी नावें चलने से चोरी का डर भी बना हुआ है, जिसके चलते लोग जागकर पहरा दे रहे हैं।

इटौंजा में विधायक की गाड़ी रोककर हंगामा

इटौंजा में राहत सामग्री बांटने पहुंचे विधायक योगेश शुक्ला की गाड़ी ग्रामीणों ने रोक ली और हंगामा किया। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष अतुल मिश्रा के साथ अभद्रता किए जाने की बात भी सामने आई है।

ग्रामीण दुघरा और अकड़रिया के लिए मोटरबोट, भोजन और राशन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। सूचना पर बीकेटी के एसडीएम मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया।

प्लासियो मॉल तक पहुंचा गोमती का पानी

गोमती का जलस्तर बढ़ने के साथ प्लासियो मॉल के आसपास भी जलभराव का खतरा पैदा हो गया। नदी का पानी नाले के रास्ते मॉल तक पहुंच गया और सड़क पर पानी भर गया। सूचना मिलने पर नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं।

जांच में पता चला कि जिस नाले के जरिए गोमती का पानी प्लासियो की तरफ पहुंच रहा था, वह खुला हुआ था। इसके बाद एलडीए की मदद से नाले को बंद कराया गया, ताकि नदी का पानी दोबारा पीछे की ओर बहकर मॉल की तरफ न आ सके।

नगर निगम के अधिशासी अभियंता अतुल मिश्रा के मुताबिक, मॉल के पास पानी भरने की सूचना मिलने के बाद रात में ही पंप लगाया गया और पानी निकालने का काम शुरू कराया गया। सुबह भी थोड़ा पानी आया, लेकिन उसे भी रोक दिया गया। गोमती का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण नगर निगम की टीम हालात पर नजर रख रही है।

एमार गोमती ग्रीन्स सोसाइटी पर भी बढ़ा खतरा

गोमती का बढ़ता जलस्तर एमार गोमती ग्रीन्स सोसाइटी के लिए भी चिंता का कारण बन गया है। सोसाइटी से करीब 100 मीटर दूर बने नाले तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। इसी नाले के पास सोसाइटी का इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन स्थित है। पानी सब-स्टेशन तक पहुंचने पर पूरी सोसाइटी की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है।

एमार गोमती ग्रीन्स आरडब्ल्यूए ने जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, नगर निगम और विद्युत विभाग से सब-स्टेशन की सुरक्षा की तत्काल समीक्षा कराने, जलभराव का निरीक्षण करने और पंप, जनरेटर तथा राहत-बचाव उपकरण तैयार रखने की मांग की है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राज किशोर राकेश ने कहा कि उनका उद्देश्य दहशत फैलाना नहीं है, लेकिन खतरा सामने दिखाई दे रहा है।

11 ट्रांसफार्मरों के आसपास पानी, बिजली आपूर्ति बंद

फैजुल्लागंज और दाऊद नगर में जलभराव के चलते रविवार को 11 ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। जूनियर इंजीनियर आकर्ष श्रीवास्तव के मुताबिक, ट्रांसफार्मरों के आसपास पानी भरने के कारण नया मदरसा लोहरामऊ 250 केवीए, मिश्रा आफिस लोहरामऊ 250 केवीए, गुप्ता प्लानिंग 100 केवीए, नीलकंठ मंदिर 630 केवीए, नीलकंठ मंदिर 400 केवीए, जैन कॉलोनी 250 केवीए, सरदार प्लानिंग 250 केवीए, मामा कॉलोनी चौराहा 250 केवीए, कनौजिया चौराहा 250 केवीए, शिल्पी स्कूल 400 केवीए और होरी लाल मंदिर 400 केवीए के ट्रांसफार्मरों की सप्लाई बंद की गई है।

दाऊद नगर उपकेंद्र की बाउंड्री के पास तक पानी पहुंच गया है। बिजली आपूर्ति तभी बहाल की जाएगी, जब स्थिति सुरक्षित हो जाएगी।

रिवरफ्रंट पर हजारों पेड़-पौधों को नुकसान

रिवरफ्रंट क्षेत्र में चार दिन से लगातार जलभराव बना हुआ है। लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से हजारों पेड़-पौधे सड़ गए हैं। रविवार को पानी घटने के बजाय और बढ़ गया, जिससे रिवरफ्रंट के बड़े हिस्से में जलभराव बढ़ गया।

गोमती में चलाए जाने वाले क्रूज के निर्माण के लिए रखा सामान भी पानी की चपेट में आ गया है। क्रूज का निर्माण दो स्थानों पर किया जा रहा था। एक जगह रबर डैम के पास और दूसरी न्यू हैदराबाद के सामने है। जलभराव के कारण दोनों जगह निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है।

रिवरफ्रंट में बंधा बनाने सहित दूसरे विकास कार्य भी पानी की चपेट में हैं। कई जगह चल रहे निर्माण कार्य रोकने पड़े हैं। निर्माण सामग्री और अन्य संसाधनों के प्रभावित होने से नुकसान का आंकड़ा करोड़ों रुपये में बताया जा रहा है।

ग्रीन कॉरिडोर की निर्माण सामग्री भी डूबी

रिवरफ्रंट के साथ लामार्ट की ओर ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण भी जारी है। जलभराव के कारण निर्माण वाले हिस्से में पानी भर गया है। वहां रखा निर्माण सामग्री और अन्य सामान पानी में डूब गया है। कुछ सामग्री पानी के साथ बहने की भी बात सामने आई है। इससे ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण की रफ्तार प्रभावित हुई है।

मंदिर परिसर में भरा गंदा पानी

मलिहाबाद के शीतलनटोला स्थित मां शीतला देवी मंदिर परिसर में बेहता नदी और नालों का गंदा पानी भर गया है। श्रद्धालु पानी से होकर मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर समिति ने परिसर से पानी हटाने की मांग की है। नवरात्र के दौरान यहां रोज सैकड़ों श्रद्धालु और भंडारे में हजारों लोग पहुंचते हैं।

बाढ़ से बच्चों की पढ़ाई पर भी असर

बाढ़ की वजह से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। कई बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जबकि कुछ बच्चों को टेस्ट और परीक्षाएं तक छोड़नी पड़ी हैं। फैजुल्लागंज में जगलाल पेट्रोल पंप के आगे स्थित प्राथमिक विद्यालय समेत कई निजी स्कूलों में ताले लटके हैं।

घर बचाने के लिए खुद बना रहे ईंटों की दीवार

बाढ़ के पानी को घरों में घुसने से रोकने के लिए लोग अपने स्तर पर इंतजाम कर रहे हैं। कई घरों के मुख्य गेट के पास ईंटों की दीवार खड़ी की जा रही है, ताकि बाहर का गंदा पानी अंदर न आए। हालांकि पानी का स्तर बढ़ने के साथ ये अस्थायी इंतजाम भी बेअसर होते नजर आ रहे हैं।

फैजुल्लागंज में 25 से 30 फीसदी मकान खाली

फैजुल्लागंज में बाढ़ के चलते कई मकानों पर ताले लटक गए हैं। इलाके के 20 से 25 फीसदी घर खाली हो चुके हैं। दाऊदनगर, मिलनतनगर, रामनगर, गणेश विहार और मामा कॉलोनी से लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा चुके हैं।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.