गौरव भाटिया ने उठाया पत्रकार की सुरक्षा का मुद्दा
‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील और भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में राहुल गांधी ने तीन महीने की गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया था। भाटिया के अनुसार, घटना के बाद महिला पत्रकार को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
भाटिया ने दलील दी कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, भले ही वे किसी भी व्यक्ति के बारे में रिपोर्टिंग कर रहे हों। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिस अधिकारियों के साथ कथित बदसलूकी का मुद्दा भी उठाया।
इंदिरा जयसिंह ने आरोपों को बताया राजनीतिक ड्रामा
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने गौरव भाटिया की दलीलों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और इसे मीडिया में प्रचार पाने के लिए उठाया गया है।
जयसिंह ने राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों को नौटंकी बताते हुए कहा कि यह पूरा मामला मीडिया के लिए किया गया ड्रामा है। उन्होंने भाटिया पर अदालत की कार्यवाही के दौरान राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी रखी बात
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी हस्तक्षेप किया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इंदिरा जयसिंह से अदालत में चिल्लाना बंद करने को कहा।
मेहता ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे पर कहा कि अपने बोलने के अधिकारों की रक्षा की मांग करने वालों को दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करना चाहिए। इस दौरान अदालत में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
CJI सूर्यकांत ने याचिका पर जारी किया नोटिस
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत याचिका में की गई मांगों पर विचार करेगी। इसके साथ ही इस मामले में नोटिस जारी किया गया।
फिलहाल, राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों को लेकर विवाद बना हुआ है। आरोपों और उनके संबंध में किए गए दावों की जांच के बाद ही मामले के तथ्यों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अदालत की ओर से नोटिस जारी होना आरोपों को साबित किया जाना नहीं है।