कासगंज: उत्तर प्रदेश के कासगंज में डेढ़ महीने के मासूम को बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, बच्चे की मां ने डॉक्टर और उसकी पत्नी के साथ मिलकर मासूम का सौदा किया और बाद में उसके अपहरण की कहानी सुना दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो मामले की परतें खुलती चली गईं। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में मां समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
बस स्टैंड से बच्चे के गायब होने की दी थी सूचना
पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह के मुताबिक, 17 अक्टूबर को बनुपुर पुख्ता निवासी अरविंद ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह फरीदाबाद में काम करता है। 16 अक्टूबर को उसकी पत्नी ने फोन कर बताया कि वह अपने छोटे बेटे को दवा दिलाने के लिए कासगंज गई थी। वहां बस स्टैंड पर एक अज्ञात महिला को बच्चा सौंपकर वह लघुशंका के लिए चली गई। वापस लौटी तो महिला बच्चे के साथ गायब थी।
इस सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। छानबीन के दौरान सामने आया कि बच्चे को किसी अज्ञात महिला द्वारा अगवा किए जाने की कहानी के पीछे कथित तौर पर उसकी मां की भूमिका थी।
जांच में मां समेत पांच लोगों की भूमिका आई सामने
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि बच्चे की मां ने डॉक्टर अरुण कुमार और उसकी पत्नी के साथ मिलकर मासूम को एक दंपति को बेच दिया था। इसके बाद अपहरण की बात बताई गई, ताकि बच्चे के गायब होने की अलग कहानी सामने आए।
पुलिस ने इस मामले में बच्चे की मां, सलेमपुर निवासी डॉक्टर अरुण कुमार और उसकी पत्नी के अलावा हाथरस जिले के सिकंदराराऊ निवासी महीपाल तथा उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया। सभी को चंदपुरा गऊपुरा कट के पास स्थित यात्री प्रतीक्षालय से पकड़ा गया।
मासूम के साथ 80 हजार रुपये भी बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर डेढ़ महीने के बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इसके साथ ही 80 हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान बच्चे की मां ने बताया कि उसने मासूम को 1 लाख 30 हजार रुपये में बेचा था। उसके मुताबिक, 1 लाख 20 हजार रुपये बैंक खाते में जमा किए गए थे और 10 हजार रुपये नकद मिले थे। उसने खाते में जमा रकम में से 20 हजार रुपये निकालने की बात भी बताई।
वहीं, डॉक्टर अरुण कुमार और उसकी पत्नी ने पूछताछ में बच्चे का सौदा कुल 2 लाख रुपये में होने की बात कही। उनके मुताबिक, बच्चे की मां के खाते में 1 लाख 20 हजार रुपये जमा कराए गए और 10 हजार रुपये नकद दिए गए। बाकी 70 हजार रुपये में से 10 हजार खर्च किए गए थे।
दुकान और कमरे से भी मिली रकम
पुलिस के मुताबिक, शेष 60 हजार रुपये डॉक्टर अरुण के कमरे और सोरों के लहरा रोड स्थित उसकी दुकान पर रखे थे। पुलिस ने इस रकम को भी बरामद कर लिया। दूसरी ओर, बच्चे को खरीदने के आरोपी महीपाल और उसकी पत्नी ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने मां की सहमति से डॉक्टर अरुण कुमार और उसकी पत्नी के माध्यम से 2 लाख रुपये में मासूम को खरीदा था।
इस मामले में कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में सोरों इंस्पेक्टर लोकेश भाटी और एसओजी प्रभारी निरीक्षक रितेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।