नेपाल की तबाही के बीच मदद को पहुंचे सोनू सूद, भारत से राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचे; बाढ़ पीड़ितों को बांटे कंबल-खाना
काठमांडू: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से मची तबाही के बीच अभिनेता सोनू सूद मदद के लिए आगे आए हैं। वह भारत से राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को खाने-पीने का सामान, कंबल और अन्य जरूरी सामग्री बांटी। नेपाल में आई बाढ़ से सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और कई भारतीयों समेत अन्य लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। भारत सरकार भी नेपाल के संपर्क में रहकर मदद कर रही है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए काठमांडू पहुंचे सोनू सूद
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। इसी बीच सोनू सूद बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए काठमांडू पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह प्रभावित लोगों से मिलने और उनके लिए जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने आए हैं। उनकी टीम भारत से आवश्यक सामान लेकर नेपाल पहुंची है और आने वाले दिनों में भी प्रभावित परिवारों की मदद जारी रखने की कोशिश करेगी।
पीड़ितों से मिले, जमीनी जरूरतों की जानकारी ली
नेपाल पहुंचने के बाद सोनू सूद ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उनकी टीम प्रभावित लोगों की जिंदगी को दोबारा सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि राहत सामग्री में खाने-पीने की चीजों के अलावा कई अन्य जरूरी सामान भी शामिल हैं। उनकी टीम प्रभावित इलाकों में लोगों से सीधे बात कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि जमीनी स्तर पर उन्हें किन चीजों की सबसे ज्यादा जरूरत है।
कंबल और खाने-पीने का सामान बांटा
सोनू सूद ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच खाने-पीने की सामग्री और कंबल समेत अन्य जरूरी सामान वितरित किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्हें बड़ी मात्रा में खाने-पीने का सामान और कंबल मिले हैं, जिन्हें प्रभावित लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही, लोगों से उनकी आगे की जरूरतों के बारे में भी जानकारी ली जा रही है, ताकि भारत से आवश्यक सामान भेजने की कोशिश की जा सके।
आने वाले महीनों तक राहत पहुंचाने की कोशिश
सोनू सूद ने कहा कि भारत से राहत सामग्री नेपाल भेजना आसान नहीं है, क्योंकि इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों की जरूरत होती है। इसके बावजूद उनकी टीम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी कि मदद केवल इसी महीने तक सीमित न रहे, बल्कि आने वाले महीनों में भी प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचती रहे।
नेपाल में अब भी मंडरा रहा एक और खतरा
नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही के बाद खतरा पूरी तरह टला नहीं है। छोचेन नदी में बने इम्पैक्ट क्रेकर के आसपास मौजूद हिम चट्टानों के टूटने की आशंका भी बनी हुई है। बाढ़ के कारण कई घर बह गए और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। इस संकट के बीच भारत सरकार लगातार नेपाल के संपर्क में है और राहत एवं सहायता के प्रयासों पर नजर रख रही है।
मनीषा कोइराला ने भी जताई थी चिंता
नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने भी चिंता जताई थी। 30 अगस्त को आध्यात्मिक गुरु सद्गुरू की अगुवाई में आयोजित ‘इन सॉलिडैरिटी विद नेपाल’ कार्यक्रम में उन्होंने सभी से मिलकर कदम उठाने की अपील की थी। इस दौरान मौसम से जुड़ी आपदाओं और बढ़ते खतरों पर भी चर्चा हुई थी।