लखनऊ: कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या के मामले में 12 दिन बाद गिरफ्तार की गई मॉडल श्रद्धा दुबे को गुरुवार को अदालत में पेश करने से पहले मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि मेडिकल प्रक्रिया के दौरान भी उसने निर्देशों के विपरीत काम करने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ ने समय रहते उसे पकड़ लिया। नागपुर से गिरफ्तार श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश को पुलिस लखनऊ लेकर आई थी। अदालत ने तीनों को 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पुलिस टीम गुरुवार सुबह करीब 10 बजे श्रद्धा को हजरतगंज थाने लेकर पहुंची, जहां उससे कई घंटे पूछताछ की गई। शाम करीब चार बजे उसे मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में श्रद्धा, उसकी बहन और चालक को अस्पताल पहुंचाया गया। श्रद्धा ने दुपट्टे से अपना चेहरा ढक रखा था और पुलिसकर्मियों ने तीनों को घेर रखा था। इसके बाद डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने जांच की प्रक्रिया शुरू की।
डॉक्टरों ने चोट के निशानों के बारे में पूछा
मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों ने श्रद्धा से पूछा कि क्या उसके साथ किसी ने मारपीट की है और शरीर पर कहीं चोट के निशान तो नहीं हैं। इसके बाद उसके शरीर की जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार, उसके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला। डॉक्टरों ने फिर मेडिकल से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड में भीड़ के कारण काफी गहमागहमी रही, जिससे दूसरे मरीजों के इलाज में भी परेशानी हुई।
दाएं हाथ की जगह बाएं अंगूठे का निशान लगाने लगी
मेडिकल प्रक्रिया के दौरान अंगूठे का निशान लेने की बारी आई तो स्टाफ ने श्रद्धा को दाएं हाथ का अंगूठा स्याही वाले पैड पर लगाकर कागज पर निशान देने को कहा। आरोप है कि उसने दाएं हाथ की जगह बाएं हाथ का अंगूठा पैड पर लगा दिया। वह कागज पर निशान लगाने ही वाली थी कि मेडिकल स्टाफ ने उसका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद उससे दाएं हाथ के अंगूठे का निशान लगवाया गया। श्रद्धा की बहन रश्मि और चालक दानिश ने निर्देशों के मुताबिक अपने अंगूठे के निशान दिए।
ऑक्सीजन, ब्लड प्रेशर और पल्स की जांच
इसके बाद डॉक्टरों ने तीनों के शरीर में ऑक्सीजन का स्तर मापा और ब्लड प्रेशर व पल्स की जांच की। जांच के दौरान संबंधित मानक सामान्य पाए गए। महिला डॉक्टर ने श्रद्धा और रश्मि के फेफड़ों, पेट तथा अन्य अंगों की भी जांच की। पूरी मेडिकल प्रक्रिया में करीब 45 मिनट लगे। अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने मेडिकल रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंप दी।