लखनऊ PGI में 99 करोड़ रुपये से बनेगा देश का दूसरा सबसे बड़ा बर्न यूनिट, 80 बेड की सुविधा से गंभीर मरीजों को मिलेगा आधुनिक इलाज
लखनऊ: गंभीर रूप से झुलसने वाले मरीजों को बेहतर और अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में 80 बेड का नया बर्न यूनिट बनाया जाएगा। करीब 99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस छह मंजिला भवन का शिलान्यास दीपावली के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और बेड की संख्या के लिहाज से देश का दूसरा सबसे बड़ा बर्न यूनिट होगा। इससे लखनऊ के साथ आसपास के जिलों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के गंभीर मरीजों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के बाद देश का दूसरा बड़ा केंद्र
एसजीपीजीआई में प्रस्तावित बर्न यूनिट में कुल 80 बेड होंगे। फिलहाल दिल्ली स्थित एम्स के सफदरजंग अस्पताल में 107 बेड का बर्न यूनिट संचालित है। इस लिहाज से लखनऊ का नया केंद्र देश में सबसे अधिक बेड वाले बर्न यूनिटों में दूसरे स्थान पर होगा।
संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. आरके धीमान के मुताबिक, आग और अन्य हादसों में झुलसने वाले मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह परियोजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 80 बेड के बर्न यूनिट का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसके लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है। भवन की नींव दीपावली के बाद रखे जाने की योजना है।
एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के पास होगा निर्माण
नया बर्न यूनिट एसजीपीजीआई परिसर में एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के पास बनाया जाएगा। इसी भवन में 60 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट भी होगा। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को अक्सर तत्काल विशेषज्ञ देखभाल की जरूरत पड़ती है। शरीर का बड़ा हिस्सा जलने, गहरे घाव होने और संक्रमण फैलने की आशंका के कारण कई मरीजों की हालत तेजी से बिगड़ सकती है।
ऐसे मामलों में एक ही स्थान पर विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक उपकरणों और जरूरी जांच सुविधाओं की उपलब्धता उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। नई व्यवस्था से मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
संक्रमण रोकने के लिए विशेष व्यवस्था, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर भी बनेगा
बर्न यूनिट को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाएगा। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों में संक्रमण का खतरा अधिक होने के कारण यहां विशेष एयर हैंडलिंग सिस्टम, स्वच्छ वातावरण और संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था होगी।
इसके अलावा, घावों की सफाई, क्षतिग्रस्त त्वचा और ऊतकों को हटाने तथा त्वचा प्रत्यारोपण यानी स्किन ग्राफ्टिंग के लिए समर्पित मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाया जाएगा। मरीजों की जरूरत के अनुसार फिजियोथेरेपी, स्प्लिंट, स्किन ग्राफ्टिंग और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है।
एक्सीलेंस सेंटर के रूप में विकसित होगा बर्न यूनिट
संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. आरके धीमान के अनुसार, बर्न यूनिट को उत्कृष्टता केंद्र यानी एक्सीलेंस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य मरीजों के इलाज के साथ बर्न केयर के क्षेत्र में विशेषज्ञता बढ़ाना भी है।
इसके तहत डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण देने, उपचार की बेहतर प्रक्रियाओं को विकसित करने और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। यूनिट में रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी से जुड़ी जांचों की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
18 महीने में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना के तहत छह मंजिला भवन का निर्माण 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भवन तैयार होने के बाद चिकित्सा उपकरणों की स्थापना, डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मियों और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी। इसके बाद यूनिट का संचालन शुरू हो सकेगा।
नई सुविधा से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश के उन मरीजों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें गंभीर रूप से झुलसने की स्थिति में विशेष चिकित्सा देखभाल की जरूरत होती है।