अंडे हुए महंगे तो लोगों ने खरीदारी घटाई! 90% परिवारों को मिलावट की चिंता, सर्वे में सामने आई कीमत बढ़ने की बड़ी वजह
नई दिल्ली: देश में अंडों की बढ़ती कीमतों का असर अब लोगों की खरीदारी पर दिखाई देने लगा है। लोकल सर्कल्स के एक सर्वे के मुताबिक, अंडे खरीदने वाले 48 प्रतिशत परिवारों ने कीमत बढ़ने के बाद इसकी मात्रा कम कर दी या खरीदने की आवृत्ति घटा दी। वहीं, 10 प्रतिशत लोगों ने सस्ते विकल्प या दूसरे स्रोतों से अंडे खरीदना शुरू कर दिया। हालांकि, 37 प्रतिशत परिवार ऐसे भी रहे, जिन्होंने कीमत बढ़ने के बावजूद पहले जितनी मात्रा में अंडे खरीदना जारी रखा।
84% परिवारों ने माना- छह महीने में बढ़ी कीमत
सर्वे में शामिल 62 प्रतिशत परिवारों ने बताया कि पिछले छह महीनों में अंडों की कीमत 10 से 50 प्रतिशत तक बढ़ी है। इनमें 31 प्रतिशत परिवारों ने 10 से 25 प्रतिशत और इतने ही परिवारों ने 25 से 50 प्रतिशत तक कीमत बढ़ने की बात कही।
वहीं, 22 प्रतिशत परिवारों ने अंडों की कीमत में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी महसूस की। कुल मिलाकर 84 प्रतिशत लोगों ने किसी न किसी स्तर पर अंडों की कीमत बढ़ने की बात कही।
पोल्ट्री फीड की बढ़ती लागत बनी बड़ी वजह
अंडों की कीमत में इजाफे के पीछे पोल्ट्री फीड की बढ़ती लागत को प्रमुख वजह माना जा रहा है। अंडा उत्पादन की कुल लागत में फीड की हिस्सेदारी करीब 65 से 70 प्रतिशत बताई जाती है।
खास तौर पर मक्के की कीमत बढ़ने से पोल्ट्री उद्योग की लागत पर दबाव बढ़ा है। मक्के का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में बढ़ने के कारण इसकी उपलब्धता और कीमत को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
फीड की लागत बढ़ने का सीधा असर पोल्ट्री किसानों पर पड़ रहा है और इसका असर आगे चलकर अंडों की खुदरा कीमतों में भी दिखाई दे रहा है।
महंगे अंडों के साथ मिलावट की भी चिंता
अंडों की बढ़ती कीमतों के बीच उनकी गुणवत्ता को लेकर भी उपभोक्ताओं की चिंता सामने आई है। सर्वे के अनुसार, 70 प्रतिशत परिवारों ने अंडों में मिलावट को लेकर खुद को बेहद चिंतित बताया। वहीं, 20 प्रतिशत परिवारों ने कुछ हद तक चिंता जताई।
इस तरह कुल 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अंडों में मिलावट को लेकर चिंता जाहिर की है।
ब्रांडेड अंडे के सैंपल को लेकर सामने आई थी रिपोर्ट
दिसंबर 2025 में एक उपभोक्ता संगठन की ओर से कराए गए प्रयोगशाला परीक्षण में एक ब्रांडेड अंडे के नमूने में नाइट्रोफ्यूरान मेटाबोलाइट्स के अंश मिलने की रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने देशभर में अंडों की निगरानी और जांच के निर्देश दिए थे।
हालांकि, बाद में प्राधिकरण ने स्पष्ट किया था कि अंडे सुरक्षित हैं और अंडों को कैंसर से जोड़ने वाले दावे वैज्ञानिक रूप से सही नहीं हैं।
कीमत और गुणवत्ता दोनों बनीं उपभोक्ताओं की चिंता
सर्वे के आंकड़ों से साफ है कि अंडों की कीमत बढ़ने का असर लोगों की खरीदारी के तरीके पर पड़ा है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में परिवार अंडों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर भी चिंता जता रहे हैं।