कैप्टन स्मित मच्छार को गुजरात सरकार देगी ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’, 25 लाख रुपये का नकद सम्मान भी
गांधीनगर: गुजरात सरकार फ्लाईदुबई की उड़ान में बड़ी त्रासदी टालने में अहम भूमिका निभाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। राज्य सरकार ने कैप्टन मच्छार के लिए 25 लाख रुपये के नकद पुरस्कार का भी ऐलान किया है।
कैप्टन मच्छार ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कॉकपिट के भीतर हुए हमले के बाद गंभीर रूप से घायल होने और खून बहने के बावजूद असाधारण साहस दिखाया। इस दौरान उन्होंने विमान में सवार यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री बोले- कैप्टन मच्छार ने बढ़ाया गुजरात का गौरव
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि कॉकपिट के भीतर हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने जिस साहस का परिचय दिया, वह बेहद प्रेरणादायक और प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि दुनिया उनके साहस को सलाम कर रही है और गुजराती मूल के कैप्टन मच्छार ने अपनी बहादुरी से गुजरात और देश का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी असाधारण बहादुरी और मानवता के इस कार्य के सम्मान में गुजरात सरकार उन्हें ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा गुजरात उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
174 यात्रियों की जान बचाने में निभाई अहम भूमिका
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी पुरस्कार की घोषणा करते हुए कैप्टन मच्छार के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने असाधारण साहस दिखाया और 174 लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कैप्टन मच्छार को गुजरात का बहादुर बेटा बताते हुए कहा कि राज्य को उन पर गर्व है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, कैप्टन मच्छार के साहसिक कदम के सम्मान में 25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने का फैसला किया गया है।
उड़ान में क्या हुआ था?
यह घोषणा फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में बुधवार को हुई घटना के एक दिन बाद की गई। बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। आरोप है कि सह-पायलट ने कॉकपिट के भीतर कैप्टन मच्छार पर हमला कर दिया।
हमले के बाद विमान अचानक तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। इसके बाद विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसे सुरक्षित उतारा गया।
घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचने तथा कथित हमलावर को काबू करने में मदद मिली।
इसके बाद दो यात्रियों ने विमान का नियंत्रण संभालने में सहायता की और विमान को सुरक्षित रूप से तबुक में उतारा गया। घटना के बाद कैप्टन मच्छार के साहस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है।
पीएम मोदी और नेतन्याहू ने भी की बहादुरी की तारीफ
कैप्टन मच्छार के साहस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने प्रशंसा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को कैप्टन मच्छार के परिवार से भी बात की। उन्होंने कैप्टन मच्छार को ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि उनके साहस से बड़ी त्रासदी को टालने में मदद मिली।
13 साल से ज्यादा का विमानन अनुभव
कैप्टन स्मित मच्छार को वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र में 13 साल से अधिक का अनुभव है। उनके नाम करीब 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने जून 2022 में फ्लाईदुबई में कैप्टन के तौर पर काम शुरू किया था।
इससे पहले वह 11 साल से अधिक समय तक स्पाइसजेट से जुड़े रहे। यहां उन्होंने कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के तौर पर सेवाएं दीं।
सऊदी अरब में चल रहा इलाज, जांच जारी
घटना के बाद कैप्टन मच्छार का सऊदी अरब में इलाज चल रहा है। कॉकपिट में हुई घटना की परिस्थितियों और सह-पायलट के कथित हमले के पीछे की वजह की जांच की जा रही है। फ्लाईदुबई ने भी फ्लाइट डेक में विवाद होने की पुष्टि की है और मामले की जांच जारी है।