गौतमबुद्धनगर में पीएम सूर्य घर योजना ने पकड़ी रफ्तार, 4,010 घरों की छतों पर लग चुके सोलर प्लांट; 5,822 आवेदन दर्ज

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गौतमबुद्धनगर: कभी जिन छतों का इस्तेमाल कपड़े सुखाने या सर्दियों में धूप सेंकने के लिए होता था, आज वही छतें परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। भारत सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। योजना को लेकर नागरिकों और अधिकृत वेंडरों में उत्साह है और बड़ी संख्या में परिवार सौर ऊर्जा अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

बिजली खर्च में राहत, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य रूफटॉप सोलर के जरिए परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ बिजली के खर्च में राहत देना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल सकता है। इससे परिवारों के मासिक बजट पर बिजली के खर्च का दबाव कम होता है और सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलता है।

योजना से परिवारों को अपनी छत पर बिजली पैदा करने का अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद मिल रही है। सौर ऊर्जा का बढ़ता इस्तेमाल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

5,822 आवेदन दर्ज, 4,010 घरों में सोलर प्लांट स्थापित

योजना के प्रति बढ़ती जागरूकता का असर जिले में साफ दिखाई दे रहा है। प्रभारी परियोजना अधिकारी यूपीनेडा गौतमबुद्धनगर लवेश कुमार सिसोदिया के मुताबिक, जिले में अब तक कुल 5,822 आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 5,783 आवेदन आवासीय श्रेणी के हैं।

योजना का लाभ लेने के लिए बढ़ती नागरिक भागीदारी के बीच अब तक 5,368 मामलों में सोलर प्लांट लगाने के लिए वेंडर का चयन हो चुका है। इसके बाद जिले में सोलर प्लांट की स्थापना का काम भी तेजी से आगे बढ़ा है।

अब तक 4,010 घरों की छतों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने का काम पूरा किया जा चुका है। ये आंकड़े जिले में सौर ऊर्जा को अपनाने की दिशा में बढ़ती नागरिक भागीदारी को दर्शाते हैं।

निरीक्षण और स्वीकृति से बढ़ रहा भरोसा

योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में स्थापित सोलर प्लांट में से अब तक 3,861 प्रणालियों का निरीक्षण पूरा किया जा चुका है। इनमें से 3,621 प्रणालियों को पूर्ण स्वीकृति मिल चुकी है।

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली केंद्रीय वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। अब तक 3,555 लाभार्थियों के बैंक खातों में केंद्रीय वित्तीय सहायता यानी सब्सिडी की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।

सरकार की ओर से दी जा रही आर्थिक सहायता और पूरी प्रक्रिया में रखी जा रही पारदर्शिता से नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

पात्र नागरिक ऐसे ले सकते हैं योजना का लाभ

प्रभारी परियोजना अधिकारी यूपीनेडा ने जिले के अन्य नागरिकों से भी पीएम सूर्य घर योजना के आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल पर जाकर पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लेने की अपील की है। पात्र नागरिक पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

आवेदन के लिए आधार कार्ड, उपभोक्ता नंबर सहित नवीनतम बिजली बिल, घर की रजिस्ट्री या प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद, बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक और आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर आवश्यक हैं।

आवेदन से सोलर प्लांट की स्थापना तक पूरी प्रक्रिया

योजना के लिए आवेदन करने के लिए सबसे पहले पीएम सूर्य घर राष्ट्रीय पोर्टल पर जाकर राज्य, बिजली वितरण कंपनी यानी डिस्कॉम और कंज्यूमर नंबर के माध्यम से पंजीकरण करना होता है। इसके बाद लॉगिन कर रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करना होता है और डिस्कॉम से फिजिबिलिटी अप्रूवल प्राप्त करना होता है।

फिजिबिलिटी अप्रूवल मिलने के बाद पोर्टल पर पंजीकृत अधिकृत वेंडर के माध्यम से घर पर सोलर प्लांट स्थापित कराया जा सकता है। इंस्टॉलेशन के बाद नेट मीटरिंग और डिस्कॉम की अंतिम जांच की प्रक्रिया पूरी होती है। इसके बाद पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में सब्सिडी की राशि 30 से 45 दिनों में क्रेडिट की जाती है।

गौतमबुद्धनगर में पीएम सूर्य घर योजना के जरिए अब छतों का इस्तेमाल केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रह गया है। सौर पैनलों से सुसज्जित होती ये छतें परिवारों को बिजली के खर्च में राहत देने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और जिले को हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने में योगदान दे रही हैं।

 

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