नंदीग्राम में TMC की खामोशी से उठे सवाल, क्या शुभेंदु अधिकारी के गढ़ में ममता बनर्जी की पार्टी मैदान छोड़ रही?
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस की ओर से अब तक उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं हुआ है। मंगलवार को पूर्वी मेदिनीपुर के जिला मजिस्ट्रेट निरंजन कुमार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भी टीएमसी का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। इसके बाद पार्टी के चुनाव लड़ने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, टीएमसी ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है।
नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। शांतिपूर्ण चुनाव कराने की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि पहुंचे, लेकिन टीएमसी की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर हवा दे दी।
बैठक से TMC की दूरी, उम्मीदवार को लेकर भी असमंजस
रिपोर्ट के मुताबिक, टीएमसी की ओर से बैठक में किसी नेता के शामिल नहीं होने की जानकारी सामने आई है। इसी के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी नंदीग्राम से उम्मीदवार उतारेगी या नहीं। हालांकि, फिलहाल यह केवल अटकलें हैं और पार्टी ने चुनाव से पीछे हटने का कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पार्टी के भीतर राजनीतिक उठापटक की चर्चा है और कई विधायकों के ममता बनर्जी से दूरी बनाने की खबरें सामने आई हैं।
भाजपा ने शुरू कर दी उपचुनाव की तैयारी
दूसरी ओर, भाजपा ने नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने अभी तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है, लेकिन हाल ही में हुई बैठक में सांसदों, विधायकों और प्रदेश संगठन के कई नेताओं ने हिस्सा लिया।
नंदीग्राम के कई स्थानीय नेता भी इस बैठक में शामिल हुए। इससे साफ है कि भाजपा उपचुनाव को लेकर संगठनात्मक स्तर पर तैयारी कर रही है, जबकि टीएमसी की ओर से अभी उम्मीदवार और चुनावी रणनीति को लेकर तस्वीर साफ नहीं हुई है।
2021 में ममता बनर्जी को मिली थी हार
नंदीग्राम सीट का राजनीतिक महत्व इसलिए भी काफी ज्यादा है क्योंकि 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा था। उस चुनाव में ममता बनर्जी के सामने शुभेंदु अधिकारी मैदान में थे और उन्होंने जीत दर्ज की थी। हालांकि, उस समय राज्य में टीएमसी ने सत्ता बरकरार रखी थी।
इसके बाद 2026 के विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर से चुनाव लड़ा और दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी, जिसके कारण नंदीग्राम सीट खाली हो गई और अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
TMC में अखिल गिरी के नाम की चर्चा
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए टीएमसी की ओर से उम्मीदवार का नाम अभी सामने नहीं आया है। हालांकि, पार्टी के संभावित उम्मीदवार के तौर पर अखिल गिरी के नाम की चर्चा जरूर हुई है। लेकिन न तो अखिल गिरी ने और न ही पार्टी ने इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा की है।
इसके अलावा ऋतब्रता बनर्जी की अगुवाई वाले टीएमसी गुट की ओर से उम्मीदवार उतारे जाने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में नंदीग्राम उपचुनाव में टीएमसी का चेहरा कौन होगा और पार्टी किस रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी, इस पर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है।